हरिद्वार पहुंचे सुरेंद्र के घरवाले
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गले पर रस्सी बांधकर आत्महत्या का रूप दिया
करीब सात फुट के खोखे में आत्महत्या नहीं की जा सकती। गले में कसी रस्सी डबल गांठ की थी, उससे भी सुसाइड नहीं हो सकता। नाक और मुंह से खून आ रहा था और खोखे का शटर खुला हुआ था, जिससे संदेह पैदा होता है कि उसके साथ घटना हुई है। इसके बाद गले पर रस्सी बांधकर आत्महत्या का रूप दिया गया। कहा कि इसमें स्थानीय स्तर पर ही कोई साजिश हो सकती है। इस घटना को निठारी से नहीं जोड़ा जा सकता। नारायण सिंह रावत ने कहा कि सुरेंद्र कोली एक गरीब, अशिक्षित और दलित समाज से था। उसके खिलाफ मीडिया ट्रायल हुआ।