सिखों के पवित्र तीर्थ हेमकुंड साहिब के कपाट आज शनिवार को साल की अंतिम अरदास के साथ शीतकाल के लिए बंद कर दिए गए। इस वर्ष धाम में रिकॉर्ड 3,84,573 से अधिक श्रद्धालुओं ने मत्था टेका। कपाट बंद होने के ऐतिहासिक पल का साक्षी बनने के लिए करीब चार हजार श्रद्धालु मौजूद रहे।
पाकिस्तान से आए 40 सदस्यीय सिख श्रद्धालुओं के जत्थे ने भी इस अवसर पर अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। बर्फबारी के बाद सफेद चादर में लिपटे धाम तक श्रद्धालु बर्फीले रास्तों से पहुंचे और अंतिम अरदास में शामिल हुए।
आज कपाट बंद होने से एक दिन पहले शुक्रवार को हेमकुंड साहिब में जमकर बर्फबारी हुई जिससे पूरा धाम बर्फ की सफेद चादर से ढक गया। सीजन की अंतिम अरदास के साथ कपाट बंद करने की प्रक्रिया पूरी हुई। श्रद्धालुओं को बर्फ से ढके हेमकुंड साहिब के मनमोहक नजारे का दीदार करने का मौका भी मिला।