रुद्रप्रयाग के गुलाबराय में 125 लोगों को मारने वाले आदमखोर गुलदार को 2 मई 1925 को जिम कार्बेट ने ढेर किया था।
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125 लोगों को मारने वाले गुलदार को इन्होंने मारा
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jim corbett
जिस रायफल से उस आदमखोर गुलदार को ढेर किया था, वह 1905 में लंदन में बनाई गई थी। .275 बोर की यह रायफल जॉन रिगवे एंड सन्स कंपनी में बनी यह रायफल उस समय की सबसे बेहतरीन रायफल में एक थी। जिम कार्बेट ने 33 आदमखोर गुलदारों को मौत के घाट उतारा था।
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एक दिन में 125 लोगों को मारने वाले गुलदार को इन्होंने मारा
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इस पेड़ पर मचान बनाकर ही जिम कार्बेट ने गुलदार को ढेर किया था।
111 वर्ष बाद भी यह रायफल पूरी तरह सुरक्षित है। शुक्रवार 8 अप्रैल को कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर मार्क न्यूटन अपनी टीम
के साथ कंपनी के अन्य अधिकारियों के साथ इस रायफल को लेकर रुद्रप्रयाग पहुंचे और लोगों को इसके बारे में जानकारी देंगे।
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इसी रायफल से गुलदार को किया था ढेर।
इस दौरान कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर न्यूटन ने रायफल को प्रदर्शित किया। उन्होंने गुलाबराय में बने जिम कार्बेट पार्क में पुष्प अर्पित किए।
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जिम कॉर्बेट की बंदूक दिखाते न्यूटन
वर्ष 1918 से 1925, 8 वर्षो तक आदमखोर गुलदार का आतंक रुद्रप्रयाग में बना रहा। पट्टी बच्छणस्यूं के गांवों से लेकर
गुलाबराय, भाणाधार, रुद्रप्रयाग बाजार, पुनाड़, बर्सू, रतूड़ा, गौचर के ऊपरी तरफ के गांवों से लेकर कर्णप्रयाग के कई गांवों में
गुलदार सक्रिय था।
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बदूक दिखाते न्यूटन
गुलाबराय निवासी वयोवृद्व काशीराम देवली बताते हैं कि उनके पिता स्व. ईश्वरी प्रसाद देवली को गुलदार ने घायल किया था। इसके बाद जिम कार्बेट की उनकी पिता से दोस्ती हो गई। वह अक्सर उनकी दुकान में बैठने के लिए आता था। लोगों में गुलदार का भय यह था कि दिन ढलने के बाद घरों के अंदर से बाहर निकलना मुश्किल होता था।