Year Ender 2025: इस साल पूर्वांचल की धरती अपराधिक घटनाओं व हादसों के चलते खून से लाल रही। वाराणसी और गाजीपुर में जमीन के विवाद में दोहरा और तिहरा हत्याकांड हो या आजमगढ़ में बालक अपहरण हत्याकांड इन सभी घटनाओं ने प्रदेश भर में सुर्खियां बटोरीं।
उत्तर प्रदेश के वाराणसी, जौनपुर और गाजीपुर समेत पूर्वांचल के कई जिलों के लिए साल 2025 कानून व्यवस्था, पुलिसिंग, सामाजिक तानाबाना और सुरक्षा के लिहाज से बेहद उथल-पुथल भरा रहा। कॉलोनाइजर हत्याकांड, कफ सिरप केस, दरोगा की पिटाई से टकराव और जमीन के लिए दोहरा हत्याकांड के कारण काशी देशभर में सुर्खियों में बनी रही। सामूहिक दुष्कर्म की घटना ने शहर की छवि धूमिल भी कर दी। पीएम मोदी ने भी मामले का संज्ञान लिया। वहीं जौनपुर सड़क हादसों के कारण चर्चा में रही तो गाजीपुर में दो तिहरे हत्याकांड ने लोगों का रूह कंपा दिया। इधर, साल 2025 में वाराणसी में कानून-व्यवस्था के लिहाज से कई चुनौतीपूर्ण घटनाएं सामने आईं। शहर में हत्या, डिजिटल ठगी और ड्रग तस्करी से जुड़े कई गंभीर मामले भी चर्चा में रहे। हम यहां प्रमुख घटनाओं को ले रहे हैं जो याद दिलाती हैं कि वाराणसी का नाम पूरे देश में चर्चा में रहा।
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पीएम मोदी ने सीपी, कमिश्नर और डीएम से की बातचीत।
- फोटो : अमर उजाला
सामूहिक दुष्कर्म का पीएम ने लिया संज्ञान
लालपुर-पांडेयपुर थाना क्षेत्र की रहने वाली युवती से अप्रैल 2025 में सामूहिक दुष्कर्म की वारदात राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का केंद्र रही। काशी आगमन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पुलिस आयुक्त से इस मामले में जानकारी ली थी और कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए थे। इस मामले में 21 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था। लापरवाही पर तत्कालीन थानाध्यक्ष विवेक पाठक को हटाया गया था।
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Ghazipur Triple Murder
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दो तिहरे हत्याकांड से दहला गाजीपुर
शहर कोतवाली इलाके के डिलियां गांव में 27 जुलाई को ऐसी घटना घटी जो पूरे शहर को हिलाकर रख दी। गांव के अभय यादव ने जमीन के लालच और गुस्से में पिता शिवराम यादव (65), माता जमुनी देवी (60) और बहन कुसुम देवी (36) की घर के बाहर कुल्हाड़ी से वारकर हत्या कर दी थी। घटना को इस कदर अंजाम दिया कि शवों को देखकर लोगों के रूह कांप उठे। पुलिस ने एक अगस्त को आरोपी को गिरफ्तार कर लिया था।
वहीं दूसरी घटना 24 दिसंबर की रात में हुई। बर्थडे पार्टी से बाइक से घर वापस जा रहे खेमनराय पट्टी के विक्की सिंह, बाबूराय पट्टी निवासी सौरभ सिंह और गोपाल राय पट्टी निवासी अंकित सिंह की निर्ममता से हत्या कर दी गई थी। तीनों शवों को खेलूराय पट्टी स्थित पोखरे में फेंक दिया गया था। तीनों युवकों को बेरहमी से गोली मारकर और सिर दीवार में लड़ाकर की गई थी। पोखरे के किनारे झाड़ियों में मांश के लोथड़े देखकर पुलिस की भी रूह कांप गई। दो युवकों का शव 25 दिसंबर को तो तीसरे का शव 30 दिसंबर को पोखरे से पानी निकलवाने के बाद मिली थी।
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Ghazipur Road Accident
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हादसा... आंतें और किडनियां बाहर, सिर धड़ से अलग, सड़क पर बिखरी थीं नौ लाशें
31 जनवरी को वाराणसी-गाजीपुर फोरलेन पर रेवसा गांव के पास दर्दनाक हादसा हुआ था। डंपर ने श्रद्धालुओं से भरे पिकअप को टक्कर मार दी थी। हादसे में नौ लोगों की मौत हुई थी। हादसा इतना भयानक था कि कदम-कदम पर सड़क पर श्रद्धालुओं के शव पड़े थे। किसी की आंतें और किडनियां बाहर निकल गई थीं तो किसी का सिर धड़ से अलग था। प्रयागराज महाकुंभ से स्नान कर लौटे श्रद्धालु जगह-जगह शव के पास बैठकर बिलख रहे थे।
कत्ल कर गेट के ऊपर बोरे में टांग दी थी मासूम की लाश
25 सितंबर को आजमगढ़ के सिधारी थाना इलाके के पठान टोला निवासी और हार्डवेयर कारोबारी मुकर्रम अली के सात साल के बेटे शाजेब अली का अपहरण कर उसकी हत्या कर दी गई थी। हत्या के बाद आरोपी ने उसका शव बोरे में भरकर घर के बाहर गेट पर टांग दिया था। घटना के बाद घरवालों के साथ ही बच्चे की शिक्षिका व अन्य लोगों ने हंगामा किया था। जिसके बाद पुलिस हरकत में आई और टीम गठित कर सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था। हत्या कारोबारी के पड़ोसी ने की थी।
बदमाशों ने गोली मारकर की थी जिम संचालक की हत्या
चंदौली जिले के मुगलसराय थाना क्षेत्र के धरना गांव में 21 जुलाई की रात चार बाइक से आए बदमाशों ने जिम संचालक अरविंद यादव (40) की गोली मारकर हत्या कर दी थी। अरविंद को उनके जिम से बाहर निकालने के लिए बदमाशों ने उनके पिता के सीने पर असलहा सटा दिया था। मामले में 50-50 हजार के दो आरोपियों समेत 11 को गिरफ्तार कर पुलिस ने जेल भेजा था।
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कॉलोनाइजर हत्याकांड
- फोटो : अमर उजाला
कॉलोनाइजर की हत्या करने वाले शूटर नहीं पकड़े गए
वाराणसी कमिश्नरेट के वरुणा जोन के सारनाथ थाना क्षेत्र के सिंहपुर में कॉलोनाइजर महेंद्र गौतम की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या ने लोगों में खौफ पैदा किया था। पुलिस ने गाजीपुर निवासी शूटर बनारसी व फौजी पर दो-दो लाख का इनाम घोषित किया है। अब तक शूटर गिरफ्तार नहीं हो सके। जंसा के चिकित्सक उदय वर्मा से एक करोड़ की रंगदारी मामले में आरोपी 25 हजार इनामी दीनदासपुर का मनीष सिंह अब तक नहीं पकड़ा गया। पुलिस ने उसके भाई सचिन सिंह को मुंबई से गिरफ्तार किया था।
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छितौना गांव जाने वाले मुख्य मार्गों पर आरआरएफ की टीम तैनात
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जातीय संघर्ष में बदला राजभर और ठाकुरों के बीच हुआ विवाद
वाराणसी जिले के चौबेपुर के छितौना गांव में दो पक्षों के बीच मारपीट के बाद एक व्यक्ति की मौत हुई थी। जिसके बाद राजभर और ठाकुरों के बीच हुआ विवाद जातीय संघर्ष में तब्दील हो गया। राजनीति भी हुई। राजभर समुदाय से कैबिनेट मंत्री अनिल राजभर सक्रिय हुए थे तो ठाकुरों के पक्ष से करणी सेना ने मोर्चा खोल दिया था। कैबिनेट मंत्री के विरोध में थाने पर ब्लॉक प्रमुख समेत क्षत्रिय नेताओं ने विरोध प्रदर्शन किया था। इस मामले में एसआईटी गठित करनी पड़ी थी।
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पुलिस छावनी में तब्दील हुई कचहरी
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दरोगा की पिटाई के बाद पुलिस और अधिवक्ता आए आमने-सामने
वाराणसी जिले के बड़गांव थाने में तैनात दरोगा को 16 सितंबर को कचहरी में अधिवक्ताओं ने दौड़कर पीटा था। उनकी वर्दी फाड़ दी थी। दरोगा की पिटाई के बाद विवाद चर्चा के केंद्र में रहा। अधिवक्ता और पुलिसकर्मी आमने-सामने आ गए। टकराव की नौबत आ गई। हफ्ते भर तक कचहरी में कामकाज ठप रहा। बाद में समझौता हुआ, फिर कामकाज शुरू हो सका।
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Varanasi Double murder
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बाप और बहन का कत्ल: मरने के बाद भी पिता का चेहरा कुंचता रहा बेटा
घटना आठ जुलाई का है। वाराणसी कैंट थाना इलाके के टकटकपुर प्रतापनगर कॉलोनी में तीन बिस्वा जमीन के विवाद में बेटे राजेश ने सिलबट्टे और रॉड से बुजुर्ग पिता रुपचंद्र भारद्वाज (78) और बहन शिवकुमारी (50) की सिर कूंचकर हत्या कर दी थी। आरोपी बेटे राजेश को पुलिस ने घटनास्थल से गिरफ्तार किया था। जमीन बहन के नाम रजिस्ट्री करने से राजेश पिता से आए दिन विवाद करता था।
संसद में गूंजा कफ सिरप का मामला
साल खत्म होने से पहले सोनभद्र जिले से शुरू हुई कोडीनयुक्त कफ सिरप की तस्करी का मामला वाराणसी से होते हुए राष्ट्रीय स्तर पर छाया रहा। संसदी के शीतकालीन सत्र के साथ ही यूपी के विधानसभा के सत्र में राजनीतिक दल आमने-सामने आए। मुख्यमंत्री तक को जवाब देना पड़ा तो, प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) को वाराणसी में 200 करोड़ रुपये के मनी लॉन्ड्रिंग की जांच करनी पड़ी। फर्जी फर्म के जरिये बांग्लादेश, नेपाल तक कफ सिरप की तस्करी हुई। कमिश्नरेट की पुलिस ने जांच के लिए एसआईटी गठित की है। कफ सिरप कांड का सरगना शुभम जायसवाल शहर के बादशाह बाजार का रहने वाला है। उसने पहले पूर्वांचल फिर यूपी और इसके बाद नेपाल व बांग्लादेश तक अपना जाल फैला दिया। शुभम जायसवाल के चलते देशभर में वाराणसी का नाम सुर्खियों में बना रहा।
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हादसे के बाद क्षतिग्रस्त बस
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नौ लोगों की मौत से लाल हो गई थी सड़क
20 फरवरी को वाराणसी- लखनऊ राष्ट्रीय राजमार्ग 731 के जौनपुर जिले के सरोखनपुर अंडर पास पर भीषण हादसा हुआ था। दो वाहनों की भिड़ंत में टाटा सूमो में सवार पांच लोगों की मौत हो गई थी। जबकि छह लोग गंभीर रूप से घायल हो गए थे। उसी घटना के समय एक बस ट्रेलर से भिड़ गई। इस हादसे में बस में सवार तीन लोगों की मौत हो गई थी, जबकि 27 लोग घायल हो गए थे। हादसे के बाद एक और श्रद्धालु की मौत अस्पताल में इलाज के दौरान हुई थी। ऐसे में मरने वालों की संख्या नौ हो गई थी। घटना के बाद सड़क खून से लाल हो गई थी। मृतकों के परिजनों की चीत्कार से लोगों का कलेजा फटा जा रहा था।
जौनपुर में पिता और दो बेटों की हत्या से फैली थी सनसनी
25 मई को जौनपुर जिले में तीन हत्याओं से सनसनी फैल गई थी। सिरकोनी के कचर्गाव अंडरपास के पास किरायेदारी के विवाद में पिता लालजी (50) दो बेटों यादवीर (32) और गुड्डू (25) की हथौड़े व रॉड से सिर कूंच कर हत्या कर दी गई थी। सुबह वर्कशॉप पर तीनों का खून से लथपथ शव मिलने पर पूरे जिले में हड़कंप मच गया था। एडीजी वाराणसी पीयूष मोर्डिया और डीआईजी वैभव कृष्ण ने घटनास्थल का जायजा लिया था। हत्या में बसपा के पूर्व जिलाध्यक्ष पलटू राम नागर, उनके बेटे गोलू, दामाद नागमणि का नाम सामने आया था। बसपा नेता और दामाद की गिरफ्तारी भी हुई थी।