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जलाभिषेक से शुरू की शिवाराधना: काशी में निकली कांवड़ यात्रा, सावन के पहले दिन गूंजा बोल-बम; शिवालय फुल

Fri, 31 Jul 2026 05:55 AM IST
Aman Vishwakarma अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।

सार

Kawad Yatra: सावन के पहले दिन वाराणसी में श्रद्धालुओं ने जलाभिषेक और पूजन के साथ शिवाराधना की शुरुआत की। मार्कंडेय महादेव, शूलटंकेश्वर महादेव समेत प्रमुख शिवालयों में सुबह से भक्तों की लंबी कतारें लगी रहीं। विभिन्न क्षेत्रों से कांवड़ यात्राएं भी निकलीं। मंदिरों में हर-हर महादेव के जयघोष और शिवभक्ति का माहौल रहा।
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काशी में सावन के पहले दिन से पहुंचने लगे शिव भक्त। - फोटो : संवाद
Kashi Vishwanath Temple: श्रावणी मास की शुरुआत जगत के पालनहार भगवान श्रीहरि विष्णु के शुभ दिन बृहस्पतिवार हुई। पहले दिन शिवभक्तों ने शिवालयों में जलाभिषेक व पूजन कर शिवाराधना की शुरू की। काशी के प्रमुख शिवालयों में सुबह जलाभिषेक के लिए भीड़ रही। 
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शिविर में विश्राम करते भक्त। - फोटो : संवाद
श्रीकाशी विश्वनाथ के अलावा मार्केंडेय महादेव, गौरी केदारेश्वर महादेव और महामृत्युजंय महादेव आदि शिवालयों में भक्त पूजन अर्चन किए। मोहल्लों के शिवालयों में भी लोग पहुंचे थे। वहीं, विभिन्न इलाकों से निकली कांवड़ यात्राएं पहुंची। कांवड़ियों का जत्था घाटों पर स्नान कर बाबा का दर्शन किया।
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काशी विश्वनाथ मंदिर के बाहर लगी भक्तों की कतार। - फोटो : संवाद
देवाधिदेव महादेव की नगरी में सावन का विशेष महात्म्य है। सावन मास की शुरुआत कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा तिथि, श्रवण नक्षत्र और आयुष्मान योग में शुरू हुआ। श्रद्धालुओं ने भगवान शिव की पूजा के लिए सुबह 5:41 बजे से 7:23 बजे तक और शाम 7:14 बजे से रात 9:51 बजे तक शुभ चौघड़िया में विशेषकर पूजा की। 
 

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शिवालयों में दर्शन करते भक्त। - फोटो : संवाद
शहर के श्रीकाशी विश्वनाथ के अलावा महामृज्युंजय महादेव, गौरी केदारेश्वर, तिलभांडेश्वर, ओंकालेश्वर, जागेश्वर महादेव मंदिर सुबह भक्त पहुंचे। उन्होंने जलाभिषेक कर पूजन अर्चन किया। इन शिवालयों में शाम को भी दर्शन के लिए तादाद बढ़ी थी। वहीं, मोहल्लों के छोटे-बड़े शिवालयों में जलाभिषेक के लिए लोग पहुंचे थे।
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मार्कंडेय महादेव मंदिर में बाबा का शृंगार। - फोटो : अमर उजाला
मार्कंडेय महादेव में पूर्वांचल भर से पहुंचे शिवभक्त
कैथी स्थित मार्कंडेय महादेव मंदिर में पूर्वांचल के विभिन्न जनपदों से श्रद्धालुओं ने जलाभिषेक कर पूजन किया। शिवभक्तों ने गंगा गोमती के संगम तट पर स्नान कर बाबा का जलाभिषेक करते रहे। गोस्वामी समाज के लोगों ने बताया कि सावन मास में भीड़ को नियंत्रित करने के लिए जिला प्रशासन ने तैयारी की है। 
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काशी विश्वनाथ मंदिर में भक्तों पर हुई पुष्पवर्षा। - फोटो : अमर उजाला
सावन में चार सोमवार, सावन मास के त्रयोदशी, रविवार, मास शिवरात्रि जलाभिषेक जलधारी विधि से कराया जाएगा। मंदिर के मुख्य द्वार पर जलधारी लगाकर कतार वद्ध लोग आसानी से जलाभिषेक करेंगे। सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। गंगा घाट से मंदिर परिसर, मुख्य द्वार पर पुलिसकर्मियों के अलावा फायर बिग्रेड, जल पुलिस तैनात रहेगी। 
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काशी विश्वनाथ मंदिर की हुई सजावट। - फोटो : मंदिर प्रशासन
सावन माह के पहले दिन आज शिवालयो मे भारी संख्या मे श्रद्धालुओ ने दर्शन पूजन किया। शूलटंकेश्वर महादेव मंदिर माधोपुर में सुबह भीड़ रही। क्षेत्र के प्राचीन शिवधाम मंदिर दरेखू, बाणासुर मंदिर नरउर, बुढऊ महादेव मंदिर मोहनसराय, भगवती माता मंदिर अखरी मे भी श्रद्धालुओ ने दर्शन-पूजन कर बाबा को जल चढ़ाकर अभिषेक किया। 

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काशी विश्वनाथ मंदिर। - फोटो : मंदिर प्रशासन
पंचकोसी परिक्रमा के तीसरे पड़ाव तीर्थ धाम रामेश्वर में भी सुबह श्रद्धालुओं ने जलाभिषेक कर दर्शन पूजन किया। मंदिर के महंत अन्नू त्रिपाठी ने बताया कि सावन के पहले दिन होने से ज्यादा श्रद्धालुओं ने दर्शन पूजन किया। पहले सोमवार को दर्शन के लिए बैरिकेडिंग की गई है। वरुण घाट पर रस्सी और ट्यूब लगाए गए हैं।
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काशी विश्वनाथ मंदिर में चला पूजन का दाैर। - फोटो : अमर उजाला
सावन मास में 24 घंटे अन्नपूर्णा सेवा शुरू
योगी अखाड़ा परिवार की ओर से अस्सी घाट मार्ग स्थित परिसर में सावन मास भर अन्नपूर्णा सेवा का महाप्रसाद शिवभक्तों को मिलेाग। भंडारे का शुभारंभ योगी अखाड़ा परिवार के राष्ट्रीय अध्यक्ष स्वामी राधेश्याम महाराज के सान्निध्य में वैदिक मंत्रोच्चार एवं पूजा-अर्चना के साथ हुआ। स्वामी राधेश्याम महाराज ने कहा कि सावन में बाहर से शिवभक्त काशी आते हैं। उनके के लिए 24 घंटे यहां उनके लिए प्रसाद की व्यवस्था रहेगी। इस मौके पर संत-महात्मा, श्रद्धालु रहे।
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