फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

भारत के नाम जुड़ा नया कीर्तिमान, देश में बना दुनिया का पहला ट्विन रेल इंजन, देखें तस्वीरें

Fri, 22 Feb 2019 10:26 AM IST
Sayali Maurya न्यूज डेस्क,अमर उजाला,वाराणसी
विज्ञापन
1 of 6
19 फरवरी 2019 का दिन दुनिया में स्वर्ण अक्षरों से लिखा जाएगा। ऐसा इसलिए क्योंकि भारत में देश का ही नहीं बल्कि दुनिया पहला डीजल से विद्युत में परिवर्तित इंजन का निर्माण हुआ है। इस इंजन का देश में निर्माण होना भी मेक इन इंडिया योजना को नए आयाम पर ले जाता है। इस ट्विन रेल इंजन की खास बातें जानें आगे की स्लाइड्स में...
विज्ञापन

2 of 6
- फोटो : amar ujala
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को दुनिया का पहला डीजल से विद्युत में परिवर्तित 10000 अश्व शक्ति क्षमता का ट्विन रेल इंजन (कनवर्जन लोको) राष्ट्र को समर्पित किया। डीजल रेल इंजन कारखाना में आयोजित लोकार्पण समारोह में प्रधानमंत्री ने इस उच्च अश्व शक्ति के मालवाहक डब्ल्यूएजीसी-3 रेल इंजन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। लोकार्पण से पूर्व माननीय प्रधानमंत्री ने रेल इंजन के बारे में लगाई गई प्रदर्शनी, वीडियो फिल्म व रेल इंजन कैब को देखा।
विज्ञापन

3 of 6
twin rail engine - फोटो : amar ujala
इंजन का लोकार्पण करने के दौरान पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की ली गई फोटो भी प्रदर्शनी में लगाई गई थी जिसको पीएम काफी देर तक अपलक देखते रहे। प्रधानमंत्री ने विद्युत रेल इंजन के निर्माण में लगे डीएलडब्ल्यू, सीएलडब्ल्यू व आरडीएसओ के कर्मचारियों तथा अधिकारियों को बधाई दी और उत्साह बढ़ाया। कहा कि आप लोगों ने बहुत अच्छा काम किया। सभी के साथ ग्रुप फोटो भी कराया। 

4 of 6
- फोटो : amar ujala
प्रधानमंत्री का स्वागत सदस्य कर्षण रेलवे बोर्ड घनश्याम सिंह व महाप्रबंधक डीरेका रश्मि गोयल ने किया।इस अवसर पर प्रदेश के राज्यपाल राम नाईक, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, रेल राज्य मंत्री एवं संचार राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) मनोज सिन्हा व भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. महेंद्र नाथ पांडेय उपस्थित रहे। उप महाप्रबंधक नितिन मेहरोत्रा ने धन्यवाद दिया। सुबह 9:35 बजे पीएम का हेलीकॉप्टर डीरेका स्टेडियम में उतरा। 15 मिनट बाद 9:45 बजे काफिला कारखाना रवाना हुआ। पीएम 10:06 बजे वापस स्टेडियम लौटे और 10:11 बजे हेलीकॉप्टर बीएचयू के लिए उड़ गया।
विज्ञापन

5 of 6
- फोटो : amar ujala
कनवर्जन लोको से जुड़ी कुछ खास बातें : भारतीय रेल ने डीजल की बचत व पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए डीरेका ने विद्युत रेल इंजनों के निर्माण के साथ ही पुराने डीजल रेल इंजनों को भी विद्युत रेल इंजन में परिवर्तित करने का ऐतिहासिक कदम उठाया। 28 फरवरी को डीरेका ने 2600 अश्व शक्ति वाले पुराने डब्ल्यूडीजी3ए डीजल रेल इंजन को 5000 अश्व शक्तिविद्युत रेल इंजन में रूपांतरित कर डब्ल्यूएजीसी3 रेल इंजन की पहली इकाई का निर्माण किया। इससे ट्रैक्शन एचपी में 92 प्रतिशत की वृद्धि हुई।
विज्ञापन
विज्ञापन

6 of 6
twin rail engine - फोटो : amar ujala
इस रेल इंजन की दूसरी इकाई 30 मार्च को तैयार की गयी। इन दोनों इकाईयों को स्थायी रूप से जोड़कर डीरेका ने 10000 अश्व शक्ति क्षमता के ट्विन को-को डब्ल्यूएजीसी3 विद्युत रेल इंजन का निर्माण किया। विश्व में इतने अधिक अश्व शक्तिके डीजल से विद्युत में रूपांतरित रेल इंजन का सफलतापूर्वक निर्माण पहली बार करके डीरेका ने कीर्तिमान स्थापित किया। रूपांतरण का कार्य संकल्पना से निर्माण तक मात्र 69 दिनों के रिकॉर्ड समय में किया गया।  
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें