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यूपीः मऊ में अफवाह पर ग्रामीणों ने मचाया उत्पात, जान बचाकर भागते रहे पुलिसकर्मी, देखें तस्वीरें

Fri, 28 Sep 2018 09:10 AM IST
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,मऊ
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बच्चों के घर जाते ही बेकाबू हुई भीड़ ने शुरू की तोड़फोड़ - फोटो : अमर उजाला
यूपी के मऊ जिले में गुरुवार को महज एक अफवाह पर जमकर उत्पात हुआ।  मुहम्मदपुर बरहिया गांव के सामने गुरुवार सुबह निजी बस की टक्कर से ऑटो सवार 15 स्कूली बच्चों के घायल होने और तीन छात्रों की मौत की अफवाह से शुरु हुए उपद्रव में फंसे पुलिस अधिकारी और कर्मचारियों के हौसले पस्त दिखे। घटना के बाद पुलिस सहमी थी तो वहीं उपद्रवी हावी रहे। पुलिस ने लाठियां भांजी और आंसू गैस के गोले छोड़े तो ग्रामीणों ने यूपी 100 वाहन, थानाध्यक्ष की जीप और बाइक जला दी। इस दौरान एएसपी समेत 14 पुलिस कर्मी घायल हो गए। पुलिसकर्मी भागते रहे और ग्रामीण हमला बोलते रहे। आगे की स्लाइड्स में देखें मंजर.....
 
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varanasi - फोटो : अमर उजाला

उपद्रव के कारण बलिया - आजमगढ़ मार्ग करीब साढ़े चार घंटे जाम रहा। करीब एक बजे स्थिति सामान्य हो सकी। गंभीर रूप से जख्मी दो बच्चों को वाराणसी रेफर किया गया है।  मुहम्मदपुर बरहिया गांव स्थित डीडी पब्लिक स्कूल में पढ़ने वाले 15 छात्रों को लेकर ऑटो चालक रामप्रीत सुबह आठ बजे जब विद्यालय के गेट पर पहुंचा तभी पीछे से बस ने धक्का मार दिया। इससे चालक और सभी छात्र घायल हुए। घायल बच्चों को सीएचसी रतनपुरा ले जाया गया। जहां तीन बच्चों की हालत गंभीर देख डाक्टरों ने उन्हें जिला मुख्यालय रेफर कर दिया। उधर, घायल बच्चों के रेफर होने पर उनके मौत की अफवाह फैल गई।
 
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varanasi - फोटो : अमर उजाला
मौके पर जुटी भीड़ ने जाम लगा दिया और डीएम-एसपी को मौके पर बुलाने और मुआवजा के साथ घटनास्थल पर ब्रेकर बनवाने की मांग करने लगे।  यहां पहुंचे अधिकारी भीड़ को भरोसा दिला रहे थे कि दुर्घटना में किसी छात्र की मौत नहीं हुई है  लेकिन उनकी कोई नहीं सुन रहा था। इसी बीच जाम लगाने वाले युवकों में से एक का पुलिस कर्मी से विवाद हो गया। पुलिस कर्मी ने युवक पर लाठी चला दी। परिणाम हुआ कि भीड़ उग्र हो गई और उसने पुलिस पर पथराव कर उन्हें दौड़ा लिया। एएसपी सहित अन्य अधिकारियों के साथ दर्जन भर सिपाही जान बचाने के लिए विद्यालय में घुस गए। भीड़ ने विद्यालय की चहारदीवारी को ढहा दिया। परिसर में खड़ी थानाध्यक्ष हलधरपुर की जीप और बाहर खड़ी यूपी 100 और एक सरकारी बाइक फूंक दी। 

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varanasi - फोटो : amar ujala

बचाव में पुलिस ने आंसू गैस का गोला छोड़ा तो भीड़ ने वापस पुलिस के ऊपर फेंक दिया। इससे सिपाही विनोद यादव घायल हो गया। करीब आधा घंटे चले तांडव के बाद मुख्यालय से डीएम और एसपी के नेतृत्व में भारी पुलिस बल मौके पर पहुंचा। इसके बाद फंसे पुलिस कर्मचारियों की जान बची। एसपी ललित कुमार सिंह ने बताया कि दो मुकदमे दर्ज किए जा रहे हैं। एक पुलिस की तरफ से और दूसरा विद्यालय प्रबंधक की तरफ से।  दूसरी तरफ दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल हुए छात्रों में रितेश (5) और अखिलेश (5) को वाराणसी रेफर कर दिया गया। जबकि घायल छात्रा अंजना (6) का प्राइवेट नर्सिंग होम में उपचार चल रहा है।
 
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varanasi - फोटो : अमर उजाला

इस दौरान बलिया और आजमगढ़ से सहायता के लिए पुलिस पहुंची। तब जाकर दोपहर दो बजे स्थिति समान्य हो सकी। उपद्रव के चलते बलिया-आजमगढ़ राज्य मार्ग साढे चार घंटे बाधित रहा।  प्रत्याक्षदर्शियों की मानें तो आठ बजे के करीब हुई हादसे के बाद चीख पुकार समान्यतया घटनाओं के साथ हुई। बच्चों के अस्पताल जाने के बाद एक बारगी तीन की मौत की अफवाह भरी सूचना से स्थिति अचानक बदल गई। भीड़ ने नौ बजे के करीब जाम लगा दिया।  पुलिस ऑटो को तो मौके पर छोड़ बस को मय चालक लेकर थाने चली गई। तब तक अपर पुलिस अधीक्षक मौके पर पहुंच चुके थे। सब कुछ समान्य चल रहा था। तभी सिपाही के डंडा पटकने के बाद शुरू हुए उपद्रव ने पुलिस अधिकारियों से लेकर कर्मचारियों को हतप्रभ कर दिया। 
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varanasi - फोटो : amar ujala

उपद्रवी इतने आक्रामक हो उठे कि पुलिस को मौके से भागकर जान बचानी पड़ी । बताया जाता है मौके पर अपर पुलिस अधीक्षक एसके श्रीवास्तव के साथ सीओ नगर राजकुमार, एसडीएम सदर, सीआरओ और एडीएम सहित अन्य पुलिस कर्मचारी जान बचाने के लिए विद्यालय भवन में शरण लिए। जबकि थानाध्यक्ष कोपागंज, थानाध्यक्ष मधुबन, सरायलखंसी सहित अन्य पुलिस कर्मचारी जान बचाने के लिए पश्चिम दिशा में हलधरपुर की तरफ भागे। उपद्रवी शांत होने की बजाय पुलिस का पीछा करने लगे। थानाध्यक्ष हलधरपुर के हमराही संजय यादव ने बताया कि तीन तरफ से हमला होने के कारण कुछ सूझ नहीं रहा था। बचने के लिए लोग विद्यालय की छत पर चढ गए साथ ही चैनल को बंद कर दिए। लेकिन 250 से अधिक की संख्या में जुटे उपद्रवियों ने पुलिस पर पथराव करने के साथ तीन वाहनों को आग के हवाले कर दिया। 
 
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varanasi - फोटो : अमर उजाला

दुर्घटना के बाद शुरू हुए उपद्रव को देखते हुए पुलिस ने जिला मुख्यालय से करीब आठ किमी दूर मौजूद अदरी मोड़ से ही यातायात को रोक दिया था। इसके अलावा घटनास्थल से करीब पांच किमी दूर मौजूद रतनपुरा बाजार की तरफ से आने वाले वाहनों को रोक दिया गया था। इस दौरान सड़क पर कर्फ्यु जैसा नजारा था। अदरी मोड़ पर पुलिस के जवान जाने वाले वाहनों को रोक रहे थे।  इसके बाद दूसरा ब्रेकर हलधरपुर बाजार के बाद बिलौझा मोड़ पर था। यहां सड़क बंद कर पुलिस वाहनों को आगे जाने से रोक रहे थे। यही दशा रतनपुरा की तरफ से आने वाले वाहनों का था। उपद्रव देखते हुए पुलिस वाहनो को रोक रही थी। इसका परिणाम था कि वाहनों की भीड़ से गुलजार रहने वाला यह मार्ग कर्फ्यु सरीखा दिख रहा था।  

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varanasi - फोटो : अमर उजाला
पुलिस अधीक्षक ललित कुमार सिंह ने माना कि हादसे को हिंसा में तब्दील करने के लिए उनके एक ना समझ मातहत और फेसबुक पर अफवाह की भूमिका अहम रही। घटना से नाराज भीड़ ने फेसबुक पर चलाए गए तीन मौत की सूचना को सही मान लिया। इससे नाराज होकर जाम लगा दिया। इस बीच ना समझ सिपाही ने डंडा चला दिया। जो हिंसा को बढावा देने के लिए काफी साबित हुई।  दुर्घटना के बाद उपद्रव करने वाले युवकों के हौसले उस वक्त भले की बुलंद रहें हो लेकिन शाम होते होते उन्हे पुलिस कार्रवाई का भय सताने लगा। गांव के जिम्मेदार लोगों से बात करने पर पता चला कि अधिकांश उपद्रवी शाम होने के साथ घर छोड़कर फरार हो गए। इसमें एक छात्र संघ के नेता भी शामिल है। 

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घायल बच्चों को आनन फानन में पहुंचाया गया अस्पताल - फोटो : अमर उजाला
घायल बच्चों का इलाज करा रहे डीडी पब्लिक स्कूल के प्रबंधक परशुराम राजभर को स्कूल की बाउंड़ी तोड़ने और कुर्सियां कंप्यूटर लैब तोड़ने की जानकारी मोबाइल पर लोग दे रहे थे। स्कूल मैनेजर का कहना था कि इस घटना के बहाने कुछ शरारती लोग उससे दुश्मनी साध रहे हैं। इन शरारती तत्वों की पहचान तो पुलिस प्रशासन करेगा ही, मौके पर मौजूद लोग भी उन्हें पहचान रहे हैं। इनके विरुद्ध प्रशासन को कार्रवाई करनी चाहिए। उनका कहना था कि घटना के बाद घायलों को रतनपुरा से लेकर मऊ तक वे इलाज कराने में लगे हैं और कुछ लोग उनके स्कूल को ही लक्ष्य कर बरबादी पर तुले हैं।  
 
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varanasi - फोटो : amar ujala
हादसे में डीडी पब्लिक स्कूल में पढ़ने वाले 15 छात्रों में ढोलमन गांव निवासी नेहा यादव (5), दुर्गेश (9) पुत्रगण वीरेंद्र यादव, अविनाश यादव (8)पुत्र रामाशंकर, रिया यादव (5) पुत्री पिंटू यादव, अंकिता (7) पुत्री विनोद, अंशिका (7) पुत्री सुबाष यादव, नेहा यादव (8) पुत्री राजू, अभिषेक गुप्ता (8) पुत्र अरविंद गुप्ता, संगम राजभर (6) पुत्र दयाशंकर यादव, रितेश (5) पुत्र दयालु राजभर, अखिलेश (5) पुत्र राजू, अंजना (6) पुत्री रमेश, आकांक्षा (8), आकाश (6) और विकास (5) पुत्रगण परशुराम घायल हुए। सभी ढोलमन गांव के निवासी है। दुर्घटना के बाद आकांक्षा, विकास और आकाश अपने घर चले गए। इस दौरान तीनों बच्चे न तो अस्पताल में थे और ना ही मौके पर, जबकि उनकी तलाश में मौके पर पहुंचे अभिभावक ने उन्हें नहीं पाया तो विद्यालय पहुंचकर हंगामा करने लगा। 
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