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Vijayadashami 2024: तस्वीरों में देखें- विश्वनाथ धाम में हुई भगवान शिव के शस्त्रों की पूजा, पहली बार हुआ आयोजन

Sat, 12 Oct 2024 12:28 PM IST
प्रगति चंद अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
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काशी विश्वनाथ धाम में शस्त्र पूजन - फोटो : मंदिर प्रशासन

विजय दशमी पर पहली बार श्री काशी विश्वनाथ धाम में शैव शस्त्रों का पूजन हुआ। शस्त्र पूजन से शस्त्रों के प्रति सम्मान और उन्हें धर्म, सुरक्षा और सद्भावना के लिए उपयोग करने की प्रेरणा भी दी गई। इसके साथ ही बाबा विश्वनाथ से भारत की अखंडता और सुरक्षा के लिए प्रार्थना की गई।


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काशी विश्वनाथ धाम में शस्त्र पूजन - फोटो : अमर उजाला
शनिवार को श्री काशी विश्वनाथ धाम में मुख्य कार्यपालक अधिकारी विश्वभूषण मिश्र ने शस्त्र पूजन किया। शास्त्रोक्त विधि से समारोह को संपन्न कराया गया। इस दौरान भगवान शिव के त्रिशूल, परसु, तलवार और धनुष का पूजन किया गया।
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काशी विश्वनाथ धाम में शस्त्र पूजन - फोटो : अमर उजाला
मुख्य कार्यपालक अधिकारी ने बताया कि दशहरा बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है। इस दिन भगवान राम ने रावण का वध कर धर्म की स्थापना की। शस्त्र पूजन के माध्यम से हम शस्त्रों के प्रति सम्मान व्यक्त करते हैं और उन्हें धर्म, सुरक्षा और सद्भावना के लिए उपयोग करने की प्रेरणा लेते हैं।

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काशी विश्वनाथ धाम में शस्त्र पूजन - फोटो : अमर उजाला
समारोह के दौरान शास्त्रों की विधिपूर्वक पूजा की गई। उपस्थित जन समुदाय ने भारत की अखंडता और सुरक्षा के लिए प्रार्थना की। इस आयोजन ने न केवल सांस्कृतिक धरोहर को सहेजा, बल्कि समाज में एकता और जागरूकता का संदेश भी दिया।
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काशी विश्वनाथ धाम में शस्त्र पूजन - फोटो : अमर उजाला

अन्नपूर्णा मंदिर में महंत शंकर पुरी ने किया शस्त्र पूजन
अन्नपूर्णा मठ मंदिर में विजयदशमी के पर्व पर ध्वज और शस्त्र की पूजा शनिवार को विधि विधान से संपन्न हुई। सनातन परंपरा में बुराई पर अच्छाई की जीत से जुड़े इस पर्व पर भगवान राम की पूजा के साथ विजय पताका और शस्त्र पूजा का विधान है। प्राचीन काल से राजा, महाराजा और साधु संतों द्वारा की जाने वाली शस्त्र पूजा आज तक चली आ रही है।

महंत शंकर पुरी ने बताया कि मंदिर में ध्वज और शास्त्र की पूजा कई दशकों की परंपरा है। विजयादशमी पर्व पर शस्त्र की पूजा करने पर पूरे वर्ष आंतरिक और बाहरी शत्रुओं पर विजय प्राप्ति का वरदान प्राप्त होता है। यही कारण है कि आम आदमी से लेकर भारतीय सेना दशहरे के दिन विशेष रूप से शस्त्रों का पूजन करती है।
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