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काशी में आफत की बारिश: BHU में ऑक्सीजन सिलिंडर लदा वाहन फंसा, इमरजेंसी में घुसा पानी; 136 साल का टूटा रिकॉर्ड

Sun, 05 Oct 2025 11:42 AM IST
अमन विश्वकर्मा अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।

सार

वाराणसी में लगातार हो रही बारिश से जनजीवन परेशान हो गया। आमजन से लेकर मरीज और तीमारदारों ने काफी दिक्कतें महसूस की। अस्पतालों और स्कूल-काॅलेज में घुटने तक बारिश का पानी लग गया था।
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बीएचयू में जलभराव के बीच पानी में फंसा ऑक्सीजन सिलिंडर लदा वाहन। - फोटो : अमर उजाला
136 साल के इतिहास में पहली बार अक्तूबर के 24 घंटे में काशी में 180 मिलीमीटर की बारिश हुई है। बीएचयू के मौसम विज्ञान केंद्र के मुताबिक, 1889 से अधिकतम और न्यूनतम तापमान के साथ बारिश का रिकॉर्ड तैयार किया जा रहा है लेकिन ऐसी बारिश पहली बार हुई है। 

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ओपीडी कमरे के बाहर निकलकर मरीजों को देखते बाल रोग विभाग के प्रोफेसर एसके राव। - फोटो : अमर उजाला
जितनी बारिश 24 घंटे में हुई है, उतनी पूरे अक्तूबर में कभी नहीं हुई है। वहीं, बीएचयू अस्पताल में ऑक्सीजन सिलिंडर लदा वाहन जलभराव में फंस गया। इमरजेंसी में भी पानी भर गया। 9 अक्तूबर 1900 में 24 घंटे के दौरान 138.9 मिलीमीटर बारिश हुई थी। बारिश का यह रिकॉर्ड भी अब टूट गया है। दूसरी तरफ शनिवार को देर रात तक 57 मिमी बारिश हुई है।

मौसम विज्ञान विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, वाराणसी में कभी अक्तूबर में इतनी बारिश नहीं हुई थी। अब तक का रिकॉर्ड 2013 का रहा है, जब महीने के 31 दिनों में कुल 153.5 बारिश रिकॉर्ड की गई थी। शुक्रवार यानी तीन अक्तूबर को वाराणसी में अक्तूबर के पिछले रिकॉर्ड से 34 मिमी ज्यादा बारिश हुई। 

इस अक्तूबर के शुरुआती चार दिनों की औसत बारिश से ये आंकड़ा 2000 गुना ज्यादा है। यूपी आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. अतुल कुमार सिंह ने बताया कि बनारस बारिश के सिस्टम के दक्षिणी पश्चिमी हिस्से में आ गया था। फिलहाल अब रविवार से बनारस में न तो बारिश की चेतावनी जारी की गई है। 
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बारिश से सड़कों पर पानी ही पानी। - फोटो : अमर उजाला
शुक्रवार की बारिश का इतना प्रभाव रहा कि शनिवार को भी बनारस का अधिकतम तापमान सामान्य से 5.6 डिग्री लुढ़क गया। बीएचयू के मौसम विज्ञान केंद्र के मुताबिक, जो तापमान 33.2 डिग्री सेल्सियस होना चाहिए था, वह 27.6 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। शनिवार को 15 से 20 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलीं। हवा में नमी 87 से 100 फीसदी तक रही। शनिवार को भी बनारस में बारिश का रेड अलर्ट जारी किया गया था लेकिन 57 मिलीमीटर बारिश हुई। 

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बारिश से हुई फजीहत। - फोटो : अमर उजाला
पार्किंग में चली बाल रोग विभाग की ओपीडी
शुक्रवार सुबह 10 बजे से शुरू होकर 20 घंटे तक की बारिश में बीएचयू अस्पताल परिसर में जलभराव हो गया। अस्पताल के मेन गेट से ओपीडी, इमरजेंसी तक कमर तक पानी भरा रहा। इससे मरीज और तीमारदार मुश्किल से डॉक्टर तक पहुंच सके। 
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बारिश से काॅलोनियां हुई लबालब। - फोटो : अमर उजाला
दो पहिया वाहन पानी में डूबे रहे। बाल रोग विभाग के सामने 100 से ज्यादा ऑक्सीजन सिलिंडर लदी गाड़ी फंस गई। मरीजों को लेकर जा रही एंबुलेंस, निजी चार पहिया वाहन बंद हो गए। उधर ट्रॉमा सेंटर के गेट से लेकर अंदर भी पानी भरा रहा। कई मरीजों को लेकर तीमारदार आईएमएस के सामने अस्पताल के गेट पर अंदर बहुत देर तक खड़े रहे। 
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बीएचयू के सिंह द्वार पर जलभराव। - फोटो : अमर उजाला
बाद में बाहर निकलकर एमएस आफिस होते हुए मोर्चरी के रास्ते इमरजेंसी जाने वाले रास्ते पर पहुंचे तो यहां भी पानी भरा रहा। बहुत मुश्किल से मरीज, तीमारदार इमरजेंसी तक पहुंच सके। जिस सीसीआई लैब जांच काउंटर पर आम दिनों में मरीजों की लंबी लाइन दिखती है, वहां सन्नाटा पसरा रहा। 
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बीएचयू अस्पताल परिसर में आफत की बारिश। - फोटो : अमर उजाला
बाल रोग विभाग में शनिवार को प्रो. सुनील कुमार राव की ओपीडी थी। लिहाजा वह समय से किसी तरह पानी में घुसकर विभाग पहुंचे। कुछ मरीज बाहर ही खड़े थे। लिहाजा डॉ. अनिल कुमार सरोज के सहयोग से पार्किंग में ही कुर्सी पर बैठ गए। आईएमएस निदेशक प्रो. एसएन संखवार ने बताया कि बीएचयू अस्पताल और ट्रॉमा सेंटर परिसर में जलभराव को लेकर कई बार इंजीनियरों से बातचीत हुई है। चेतावनी दी गई है, जिससे कि फिर इस तरह की घटना न हो। 

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बारिश का पानी लग जाने से लोगों को हुई परेशानी। - फोटो : अमर उजाला
जलभराव से बरेका अंडरपास बंद
बारिश ने यातायात व्यवस्था को भी डूबो दिया। सड़क पर जलभराव ने वाहनों की रफ्तार रोक दी। शनिवार सुबह बरेका अंडरपास में जलभराव के चलते दोनों तरफ रस्सी से बैरिकेड कर रास्ता बंद किया गया। प्रवेश और निकास द्वार पर रस्सी और पेड़ की टहनियां रखकर रास्ता अवरुद्ध कर दिया, ताकि कोई वाहन या व्यक्ति गलती से प्रवेश न कर जाए। 

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बारिश में मूसलाधार हुई बारिश। - फोटो : अमर उजाला
सुंदरपुर रोड पर कैंसर अस्पताल के सामने सड़क पर गिरे पेड़ के चलते दिन भर नरिया की ओर जाने वाले वाहनों की कतार रही। लंका मालवीय चौराहे पर जलभराव के चलते बीएचयू गेट से आवाजाही करने वाले वाहन फंस गए। सामनेघाट, भगवानपुर और लौटूवीर में लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। सुंदरपुर-नरिया मार्ग पर कैंसर अस्पताल के सामने हनुमान मंदिर के बगल में पाकड़ का पेड़ गिर गया। शनिवार को रास्ते पर दोपहर बाद तक जाम लग रहा। 

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बारिश के बीच दूसरे स्थान पर जातीं युवतियां। - फोटो : अमर उजाला
नहीं खुले स्कूल, ऑनलाइन हुई पढ़ाई
जिले में शुक्रवार सुबह से लेकर देर रात तक लगातार बारिश की वजह से शनिवार को सुबह अवकाश नहीं होने के बाद भी विद्यालय नहीं खुले। बच्चों की ऑनलाइन पढ़ाई कराई गई। डीआईओएस भोलेंद्र नाथ ने शुक्रवार रात सभी बोर्ड के स्कूलों में ऑनलाइन क्लास चलाने का आदेश जारी किया था। शनिवार को सभी स्कूलों में ऑनलाइन क्लास चलाई गई। 
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बारिश के बाद सड़कें हुईं जलमग्न। - फोटो : अमर उजाला
बीएचयू का ड्रेनेज सिस्टम फेल इसीलिए जलभराव 
बारिश के बाद शहर में जलभराव से निपटने के लिए नगर निगम ने अलग-अलग मोहल्लों और सड़कों पर 24 पंप लगाए। नगर आयुक्त अक्षत वर्मा ने कुछ मोहल्लों का निरीक्षण किया। कहा कि बीएचयू का ड्रेनेज सिस्टम फेल है, इसीलिए मालवीय चौराहे पर जलभराव रहा। रविंद्रपुरी लेन नंबर 10 में जलभराव से निपटने के लिए पंप लगाने के निर्देश दिए। ट्रॉमा सेंटर के पास और बीएचयू मालवीय मूर्ति के पास जलजभराव के बारे में बताया कि यहां बीएचयू परिसर का पानी आया। 
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