प्राचीन नगरी काशी केवल अपनी सांस्कृतिक-धार्मिक विशेषताओं के लिए ही नहीं, बल्कि अपने लजीज खान-पान के लिए भी पूरी दुनिया में प्रसिद्ध है। काशी आने के बाद अगर आपने इन व्यंजनों का स्वाद नहीं लिया तो बनारस घूमने का मजा अधूरा रह जाता है। आगे की स्लाइड्स में देखें तस्वीरें..
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- फोटो : अमर उजाला
यहां के गलियों के पारंपरिक खान-पान के दीवानों में आम आदमी से लेकर देश, दुनिया के सेलिब्रिटी और राजनीतिज्ञ शामिल हैं। एक बार इन लजीज पकवानों का जायका लेने के बाद फिर शायद ही कभी आप उनका अनूठा स्वाद भूल पाएं। ऐसा ही एक व्यंजन है, कचौड़ी-सब्जी।
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बनारस में हजारों लोगों की सुबह इसी नाश्ते से होती है। सब्जी-पूड़ी के साथ गरमागरम जलेबी के क्या कहने। लंका स्थित ‘चाची की दुकान’, चौक की कचौड़ी गली इस जायके के लिए प्रसिद्ध है।
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गलियों में कई और कचौड़ी-सब्जी की प्रसिद्ध दुकानें हैं। कचहरी, नदेसर मिंट हाउस, भोजूबीर, हुकुलगंज तिराहा, बीएचयू मंदिर, अस्सी, गोदौलिया भी कचौड़ी-सब्जी के लिए मशहूर है। यहां कचौड़ी-सब्जी की दुकानों पर सुबह से ही भीड़ लग जाती है।
इस भीड़ में आम शहरवासियों से लेकर देश-दुनिया से यहां आने वाले पर्यटक तक शामिल होते हैं। बाहर से आने वाले राजनीतिज्ञ, सेलिब्रिटी तो खास तौर से कचौड़ी-सब्जी का स्वाद लेना नहीं भूलते। कचौड़ी-सब्जी और गर्मागर्म जलेबी के बाद रसगुल्ला या फिर लौंगलता का स्वाद आनंद दोगुना कर देता है।