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काशी में संतान प्राप्ति के लिए उमड़े श्रद्धालु, कामनाओं के कुंड में लाखों ने लगाई आस्था की डुबकी

Sat, 15 Sep 2018 10:22 PM IST
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,वाराणसी
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lolark kund - फोटो : amar ujala
आस्था की नगरी काशी में लोलार्क कुंड भदैनी और क्रीं कुंड रविंद्रपुरी में शनिवार को करीब दो लाख श्रद्धालुओं ने डुबकी लगाई। संतान प्राप्ति की कामना और कामना के पूर्ण होने पर पहुंचे श्रद्धालुओं की लाइनें शुक्रवार की रात करीब एक बजे के बाद ही लग गई थीं। लोलार्क कुंड पर तो करीब सवा किमी लंबी लाइन लगी रही। आगे की स्लाइड्स में देखें... 

 
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lolark kund - फोटो : amar ujala
स्नान का क्रम शनिवार की शाम तक चलता रहा। दोनों कुंडों पर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई थी। इस दिन संतान प्राप्ति की कामना और संतान होने के बाद बड़ी संख्या में श्रद्धालु इन कुंडों में स्नान करने पहुंचते हैं। 

 
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lolark kund - फोटो : amar ujala
इस निमित्त उत्तर प्रदेश, हरियाणा, बिहार, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, उत्तराखंड, झारखंड के अलावा नेपाल से भी दंपती स्नान करने पहुंचे थे। स्नान के दौरान श्रद्धालुओं ने वस्त्र का त्याग करने के साथ ही फल का दान कर उसका एक वर्ष के लिए त्याग कर दिया। जिन महिलाओं को संतान प्राप्ति का सौभाग्य मिला था, वह अपने बच्चों के साथ पहुंचीं थीं और मुंडन संस्कार कराया।

 

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lolark kund - फोटो : amar ujala
हर बार कुंड में स्नान के दौरान भीड़भाड़ के बीच कई लोग गिर जाते थे। कुछ लोग बेहोश भी हो जाते थे। यही नहीं पिछले साल तो एक की मौत भी हो गई थी। इसको ध्यान में रखते हुए इस बार पुलिस प्रशासन ने प्रवेश और निकास अलग-अलग कर दिया गया था। इससे प्रवेश करने के बाद लोगों को दूसरे रास्ते से कुंड से बाहर निकाल दिया गया।

 
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lolark kund - फोटो : amar ujala
भले कुंड में पानी भरा था लेकिन प्रचंड गर्मी ने कारण श्रद्धालुओं को परेशानियां हुईं। कई महिलाओं और बच्चों को गर्मी के चलते चक्कर आने लगा। बाद में स्थानीय लोगों ने उनको पानी पिलाया और छांव में बिठाया, तब जाकर उनको राहत मिली। लोगों ने बताया कि करीब पांच से छह महिलाएं गर्मी से बेहोश हुईं थीं।

 
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lolark kund - फोटो : amar ujala
मान्यता के अनुसार कुंडों में स्नान करने पर अपने पुराने कपड़ों को वहीं छोड़ दिया जाता है। देर शाम नगर निगम की टीम ने उन सभी वस्त्रों को एकत्रित कराकर उसे वहां से हटवाया। आयोजकों ने बताया कि लोगों की ओर से छोड़े गए कपड़े चार ट्रक से भी अधिक हैं। इससे कुंड की सफाई का काम लगातार एक-दो दिन किया जाएगा।
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