प्रवासी भारतीय सम्मेलन के लिए काशी को सजाया जा रहा है। खासकर गंगा घाटों को रंगीन फसाड लाइटों से रोशन किया गया है, जिससे रात में इनका सौंदर्य और निखर उठा है। सैलानी भी देर रात तक मुग्ध होकर इन्हें निहारते रहते हैं। प्रभुघाट, चेतसिंह घाट, महानिर्वाणी घाट तथा शिवाला घाट इस तरह जगमगा रहे हैं। आगे की स्लाइड्स में देखें...
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ganga ghat
- फोटो : amar ujala
प्रवासी भारतीय सम्मेलन से पहले एक दर्जन से ज्यादा घाटों पर यह लाइटिंग कर दी जाएगी। इसी के साथ प्रमुख इमारतों से चकाचौंध करते हैलोजन या एलईडी बल्ब हटाए जा रहे हैं।
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चंद्रहार की तरह सजे काशी के घाटों को कांसेप्ट लाइटिंग से निखारा जा रहा है। इस लाइटिंग से घाटों और ऐतिहासिक धरोहरों की बनावट व नक्काशी की कलात्मकता रात में भी सैलानियां को रिझाएगी।
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मान महल घाट पर कांसेप्ट लाइटिंग की सकरात्मक प्रतिक्रिया के बाद अब अहित्याबाई, मणिकर्णिका, दशाश्वमेध, राजेंद्र प्रसाद, ललिता घाट सहित राज घाट से अस्सी घाट तक सफेद व पीली लाइट की जगह कांसेप्ट लाइटिंग कराई जा रही है।
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इससे घाटों और ऐतिहासिक भवनों की नक्काशी व कलात्मकता उभर कर सामने आएगी। रात में भी इन बारीकियों को सैलानी आसानी से देख सकेंगे।
घाटों पर दो साल पहले तक पीली लाइटें और बाद में सफेद एलईडी लगाई गई थीं। मगर इस लाइटिंग से घाटों की प्राचीन इमारतों की शृंखला ही दिखाई देती है। इसलिए केंद्रीय संस्कृति मंत्रालय घाटों की कांसेप्ट लाइटिंग करा रहा है।