फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

वाराणसी में बाढ़: गंगा का कम हो रहा जलस्तर लेकिन परेशानी न हुईं कम, शिविरों में रह रहे लोगों को बीमारियों ने घेरा

Sat, 14 Aug 2021 03:56 PM IST
गीतार्जुन गौतम न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
विज्ञापन
1 of 6
जलस्तर कम होने के बाद सरईयां में अभी भी मकान बाढ़ से घिरे हैं - फोटो : अमर उजाला
बनारस में गंगा के जलस्तर में गिरावट हो रही है। हालांकि बाढ़ में कमी आने की वजह से अब पीछे छोड़े गए मलबे और कीचड़ से बीमारियों के सिर उठाने के खतरे भी बढ़ेंगे। शनिवार की सुबह गंगा का जलस्तर 71.51 मीटर दर्ज किया गया। गंगा अभी भी खतरे के निशान 71.26 मीटर से 25 सेमी ऊपर बह रही हैं। 

केंद्रीय जल आयोग के अनुसार, सुबह गंगा का जलस्तर 71.51 मीटर था। शुक्रवार सुबह 10 10 बजे गंगा का जलस्तर 72.23 मीटर था। फाफामऊ में गंगा का जलस्तर 85.47 मीटर, प्रयागराज में 84.55 मीटर व मिर्जापुर में 78.04 मीटर था। वहीं, गुरुवार की रात आठ बजे वाराणसी में गंगा का जल स्तर 72.32 मीटर था जो रात 12 बजे तक स्थिर बना रहा। इसके बाद घटाव शुरू हुआ। गंगा के ऊपरी हिस्से यानी फाफामऊ, प्रयागराज व मिर्जापुर में घटाव गुरुवार से ही शुरू हो गया था। देखें अगली स्लाइड्स...
विज्ञापन

2 of 6
फाफामऊ में दो सेमी से जल स्तर में घटाव हो रहा था तो प्रयागराज में तीन सेमी घटाव था। गंगा का लगातार घटते जलस्तर घटने के बाद कॉलोनियों सड़कों और घरों में जमा गाद और शिल्ट की सफाई करने को लेकर लोग परेशान होने लगे। बारिश का पानी कॉलोनियों में खाली प्लाट में भरने के कारण बदबू से लोग परेशान होने लगें।
विज्ञापन

3 of 6
अभी रमना क्षेत्र में बाढ़ में डूबा मकान। - फोटो : अमर उजाला
बारिश ने बढ़ाई बीमारी, सतर्कता जरूरी
बाढ़ का खतरा बढ़ने के साथ ही बारिश अब लोगों के लिए सेहत के लिए मुसीबत बनती जा रही है। मौसम के बदलाव बदलाव से डेंगू, मलेरिया, वायरल फीवर के मरीज भी अस्पताल पहुंचने लगे हैं। बाढ़ राहत शिविरों में बने अस्थायी स्वास्थ्य केंद्र पर भी बुखार, जोड़ों में दर्द, खुजली की शिकायत लेकर लोग पहुंच रहे हैं। रुक रुककर हो रही बारिश से भी लोग भीग रहे हैं।

4 of 6
विष्णु चरण पादुका मंदिर पुरी तरह डूबा - फोटो : अमर उजाला
ऐसे में सर्दी, खांसी, बुखार, पेट संबंधी बीमारियां भी होने लगी हैं। चर्मरोग विशेषज्ञ डॉ. मुकुंदजी श्रीवास्तव के अनुसार इस समय पानी में जाने से बचना चाहिए। नहीं तो शहरी में खुजली, दाने निकलने की समस्या हो सकती है।
विज्ञापन

5 of 6
अब डरा रही है रातें, पेयजल का भी संकट
चारों तरफ पानी और खामोशी अब सामनेघाट के रहने वाले दर्जनों कालोनी वासियों को सताने लगी हैं। खास तौर पर अब रात काफी डरा रही है। एहतियातन दो दिन से बिजली आपूर्ति बाधित होने से लोगों का घरों में रहना मुहाल हो गया है। मोबाइल तक चार्ज नहीं हो पा रहा है। इंवर्टर बैटरी भी डिस्चार्ज हो चुके हैं। यही कारण है कि लोग अब अपने घरों में ताला बंद करके सुरक्षित ठिकानों पर पहुंचने लगे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

6 of 6
राहगीरों की मुश्किलें, लग रहा जाम
गंगा और वरुणा की बाढ़ के चपेट में आए इलाकों में यातायात जाम से लोग परेशान हैं। सामनेघाट-लंका मार्ग पर जलजमाव के कारण यातायात रोक दिया गया तो वहीं लंका से डाफी हाईवे मार्ग पर वाहनों का दबाव बढ़ने से रोजाना जाम लग रहा है। वहीं कोनिया, राजघाट से पड़ाव के बीच भी जाम से लोग बेहाल हैं।

बीएचयू और लंका स्थित निजी चिकित्सालयों में इलाज को आने वाले अधिकतर वाहन पहले सामनेघाट पुल से होकर गुजरते थे, लेकिन बाढ़ के चलते सामनेघाट-नगवा चुंगी मार्ग को बंद कर दिया गया। एडीसीपी ट्रैफिक डीके पुरी ने बताया कि बाढ़ के चलते कई इलाकों में वाहनों का दबाव बढ़ने से दिक्कतें हो रही हैं। जाम लगने की सूचनाओं पर तुरंत फैंटम दस्ते को मौके पर भेजा जा रहा है। लोगों से अपील है कि बाढ़ ग्रस्त इलाकों में वाहन लेकर न जाएं।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें