एफडीआई को लेकर वाराणसी के व्यापारियों ने मोर्चा खोल दिया है। सरकार के फैसले से नाराज सैकड़ों व्यापारी बुधवार को बोहनी-बट्टा ताक पर रखकर सड़क पर उतर आए। पैदल मार्च निकाला, धरना प्रदर्शन भी किया। व्यापारियों का कहना था कि जब तक सरकार फैसले को वापस नहीं लेती है व्यापारियों का आंदोलन चरणबद्ध तरीके से जारी रहेगा। आगे की स्लाइड्स में देखें...
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- फोटो : अमर उजाला
रिटेल सेक्टर में 100 प्रतिशत एफडीआई लाने के फैसले से आक्रोशित शहर के सैकड़ों व्यापारी महानगर उद्योग व्यापार मंडल के अध्यक्ष प्रेम मिश्रा के नेतृत्व में मलदहिया चौराहे पर एकजुट हुए। वहां पर अपने आप को प्रतीकात्मक जंजीरों से जकड़कर पैदल मार्च निकाला। मार्च मलदहिया होते हुए लहुराबीर आजाद पार्क में जाकर समाप्त हुआ। पैदल मार्च में सैकड़ों की संख्या में शामिल व्यापारी हाथ में स्लोगन लिखी तख्तियां लेकर चल रहे थे।
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एफडीआई से कारोबार हो जाएगा खत्म, ई-वे बिल के नाम पर उत्पीड़न बंद करो, एसआईबी के खेल में व्यापारी जाएंगे जेल में, जैसे नारेबाजी करते हुए चल रहे थे। पैदल मार्च के चलते मलदहिया से लेकर लहुराबीर तक जबरदस्त जाम लग गया। लहुराबीर आजाद पार्क में हुई सभा में व्यापार मंडल के संरक्षक आरके चौधरी ने कहा कि एफडीआई को लेकर व्यापारी अब आर-पार की लड़ाई लड़ेंगे।
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उन्होंने कहा कि एफडीआई से देश में बेराजगारी बढ़ेगी, खुदरा कारोबार चौपट हो जाएगा। पूरे बाजार में विदेशी कंपनियों का कब्जा हो जाएगा। श्रीनारायण खेमका व प्रेम मिश्रा ने कहा कि सरकार एफडीआई को वापस नही लेगी तब तक व्यापारी चरणबद्ध आंदोलन करते रहेंगे। लहुराबीर आजाद पार्क में आंदोलन के बाद व्यापारी मशाल जुलूस निकालेंगे इसके बाद भी सरकार अगर व्यापारियों की मांग नहीं सुनती है तो व्यापारी फिर धरना-प्रदर्शन करेंगे।
व्यापारियों की मांगें-
जीएसटी पोर्टल को किया जाए ठीक, मंडी शुल्क को समाप्त किया जाए, एफडीआई लागू होने से खत्म हो जाएंगे छोटे कारोबारी, अतिक्रमण के नाम पर व्यापारियों का उत्पीड़न बंद हो, ई-वे बिल में सुधार की व्यवस्था की जाए, जांच के नाम पर प्रतिष्ठानों का सर्वे बंद हो, ई-वे बिल की सीमा 50 हजार से बढ़ाकर एक लाख किया जाए, बिजली मूल्यवृद्धि को वापस लिया जाए।