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काशी में दिखी अतिथि देवो भव: की भावना, विदेशी मेहमान के पैसे खत्म होने पर ऐसे की मदद

Wed, 05 Dec 2018 11:02 AM IST
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,वाराणसी
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varanasi - फोटो : amar ujala
धर्म नगरी काशी में पूरे विश्व के लोग आते हैं। कुछ लोग तो यहीं के होकर रह जाते हैं। बाबा भोले का शहर कुछ है ही ऐसा। इसके साथ ही यहां के लोगों के व्यवहार करने का अपना अलग ही अंदाज है। काशी में एक बार फिर अतिथि देवो भव: की भावना देखने को मिली। आगे की स्लाइड्स में देखें...
 
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varanasi - फोटो : amar ujala
दरअसल, ब्राजील की दो युवतियों के पास रुपये खत्म हो गए। उनके पास न तो रहने और न ही खाने के लिए पैसे बचे। इस पर दोनों युवतियां फ्लाइट के तय शेड्यूल से एक दिन पहले ही बाबतपुर स्थिति लाल बहादुर शास्त्री अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे पर पहुंच गईं। एयरपोर्ट प्रशासन ने उनके ठहरने से लेकर रात के भोजन और सुबह के नाश्ते की व्यवस्था की। मंगलवार सुबह दोनों युवतियां नई दिल्ली और फिर वहां से ब्राजील चली गईं। 

 
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varanasi - फोटो : amar ujala
ब्राजील की कौआना एंजल्स एरिगो बार्रेरो और एलियट मरिया ट्रांबिनी सरतोरी मलविना को स्पाइस जेट की चार दिसंबर मंलगवार सुबह 8:05 बजे की फ्लाइट से दिल्ली जाना था और फिर वहां से ब्राजील। लेकिन इससे पहले ही दोनों के पास रुपये खत्म हो गए। स्थानीय लोगों की मदद से वह सोमवार शाम की एयरपोर्ट पहुंच गई। एयरपोर्ट पर जब सभी फ्लाइट रवाना हो गईं तो सुरक्षा कर्मियों ने युवतियों से पूछताछ की। 

 

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varanasi - फोटो : amar ujala
युवतियों ने बताया कि रुपये खत्म हो जाने के कारण वह वह एक दिन पहले ही एयरपोर्ट पहुंच गईं। एयरपोर्ट प्रशासन ने एयरपोर्ट गेस्ट हाउस में उन्हें ठहराने और सीआईएसएफ ने खाने की व्यवस्था की। सुबह का नाश्ता कराने के बाद उन्हें स्पाइस जेट के विमान में बैठा दिया गया। मदद से अभिभूत दोनों युवतियों ने खुशी-खुशी काशी से विदा ली। 

 
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बाबतपुर एयरपोर्ट
बता दें कि 28 जुलाई को भी एक ऐसा चाइनीज ग्रुप एयरपोर्ट पहुंचा था, जिनके पास खाने के रुपये नहीं थे। उनके खाने-पीने की व्यवस्था भी एयरपोर्ट प्रशासन ने कराई थी। सीआईएसएफ के डिप्टी कमांडेंट सुब्रत झा का कहना है कि ब्राजील की युवतियों को सीआईएसएफ के वाहन से गेस्ट हाउस तक छुड़वाया गया। महिला कांस्टेबल की ड्यूटी लगाने के साथ ही खाने-पीने की व्यवस्था कराई गई। 
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