अपनी फायरब्रांड छवि के लिए चर्चित योगी आदित्यनाथ यूपी के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के साथ ही एनएसजी कमांडो के घेरे में आ गए। आतंकी खतरे को देखते हुए अभी तक योगी आदित्यनाथ को एक्स श्रेणी की सुरक्षा मिली थी। आगे की स्लाइड में जानें क्यूं खास है एनएसजी सुरक्षा कवच-
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आदित्यनाथ
- फोटो : amar ujala
भारत में वीवीआईपी लोगों को चार तरह की सुरक्षा मुहैया कराई जाती है। एक्स, वाई, जेड, जेड प्लस । इसके अलावा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, पूर्व प्रधानमंत्रियों और गांधी परिवार की सुरक्षा एसपीजी कमांडो करते हैं। एसपीजी की स्थापना वर्ष 1988 में पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की हत्या के बाद किया गया था।
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योगी आदित्यनाथ के साथ संतोष दास सतुआ बाबा
- फोटो : अमर उजाला
एक्स सबसे निचले दर्जे के सुरक्षा कवच है। इसके तहत सुरक्षा दस्ते में एके 47 राइफलधारी आठ जवान एवं दो पिस्टलधारी जवान तैनात किए जाते हैं। इसमें कोई कमांडो मुहैया नहीं कराया जाता है।
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योगी आदित्यनाथ (फाइल फोटो)
वाई श्रेणी की सुरक्षा दूसरे नंबर पर आती है। इसके तहत 11 सुरक्षाकर्मी दिए जाते हैं। इसमें एक या दो कमांडो होते हैं। इसके अलावा दो निजी सुरक्षा अधिकारी दिए जाते हैं।
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pm modi yogi adityanath
- फोटो : अमर उजाला
इसके बाद नंबर जेड श्रेणी के सुरक्षा कवच का आता है। इसके तहत चार से पांच एनएसजी कमांडो समेत 22 सुरक्षाकर्मी दिए जाते हैं। इस श्रेणी के वीवीआईपी की सुरक्षा में दिल्ली पुलिस या सीआरपीएफ या आईटीबीपी के जवान तैनात रहते हैं। इन्हें एक स्कार्ट कार भी दी जाती है।
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YOGI
- फोटो : SELF
आतंकी खतरे के लिहाज से देश के सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण व्यक्ति को जेड प्लस की सुरक्षा दी जाती है। इसके तहत अतिविशिष्ट व्यक्ति की सुरक्षा में 36 सुरक्षाकर्मी तैनात रहते हैं। इसमें 10 एनएसजी कमांडो भी रहते हैं। इनके साथ स्कार्ट कार भी चलती है।
बता दें कि एनएसजी के ब्लैक कैट कमांडो एमपी 5 सब मशीनगन से लैस होते हैं। इसके अलावा इनके पास अत्याधुनिक संचार उपकरण होते हैं। प्रत्येक ब्लैक कैट कमांडो को मार्शल आर्ट की ट्रेनिंग दी गई होती है ताकि वे बिना हथियारों के भी खतरे का मुकाबला कर सकें।