वाराणसी के सारनाथ स्थित म्यूजियम की 32 साल पुरानी परंपरा बुधवार से बदल गई। इस परंपरा के बदलने से इतिहास प्रेमी और बौद्ध अनुयायी खासा चिंतित हैं। इस म्यूजियम में अशोक चिह्न सहित बुद्ध की गुप्त कालीन अनमोल मूर्तियां रखी हुई हैं। आगे की स्लाइड्स में जानिए...
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up police
- फोटो : अमर उजाला
उत्तर प्रदेश पुलिस को बुधवार से म्यूजियम की सुरक्षा की जिम्मेदारी से मुक्त कर दिया गया। अब निजी सुरक्षा एजेंसी भारत के राष्ट्रीय चिह्न सहित अमूल्य पुरातात्विक धरोहरों की सुरक्षा की पूरी जिम्मेदारी संभालेगी। निजी हाथों में सुरक्षा की कमान दिए जाने को लेकर इतिहास प्रेमी और बौद्ध अनुयायी खासा चिंतित हैं।
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sarnath museum
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वर्ष 1986 से संग्रहालय में रखे अशोक की लाट सहित अनमोल पुरातात्विक वस्तुओं की सुरक्षा पुलिस करती आई है। सारनाथ संग्रहालय में एक हवलदार चार सिपाही(सशस्त्र) की ड्यूटी लगाई जाती रही है।
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sarnath museum
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सुरक्षाकर्मियों पर आने वाले खर्च का भुगतान एएसआई प्रदेश सरकार को करता था। अब निजी सुरक्षा एजेंसी के लगभग 12 लोग ड्यूटी पर लगाए गए हैं।
यहां अशोक चिह्न सहित बुद्ध की गुप्त कालीन अनमोल मूर्तियां रखी हुई हैं। इनमें भगवान बुद्ध की धम्म चक्र प्रवर्तन मुद्रा में मूर्ति सहित अनेक मुद्राओं में मूर्तियां भी प्रमुख हैं।
इसके अलावा हिंदी देवी देवताओं की गुप्त काल से लेकर 12वीं शताब्दी तक की मूर्तियां यहां संरक्षित की गई हैं। मौर्य और बुद्ध कालीन अमूल्य धरोहरें रखी हुई हैं।