उत्तर प्रदेश के गाजीपुर के चितावन पट्टी गांव स्थित एनएच 97 पर एक बेकाबू ट्रक ने दो लोगों की जान ले ली। हादसा मंगलवार अहले सुबह हुआ जब एक ट्रक अपना संतुलन खोकर झुग्गियों पर पलट गया। ट्रक के नीचे दबकर पति और गर्भवती पत्नी की मौत हो गई। हादसे में एक अधेड़ महिला घायल हो गई। दुर्घटना के बाद चालक मौके से फरार हो गया।हादसे की वजह से घंटों आवागमन प्रभावित रहा। आगे की स्लाइड्स में देखें तस्वीरें.....
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जमनिया थाना क्षेत्र के चितावन पट्टी गांव स्थित राधा मंदिर के पास एनएच 97 (24) पर जंगलाल का परिवार झुग्गी-झोपड़ी डालकर रहता है। सोमवार की रात उसका पुत्र रामदुलार (30) अपनी पत्नी मुअली (28) के साथ सो गया। जबकि दूसरी झोपड़ी में उसका बेटा और पिता सो रहे थे। मंगलवार अहले सुबह करीब चार बजे जमानिया की तरफ से गाजीपुर की ओर आ रहा गिट्टी लदा ओवरलोड ट्रक अनियंत्रित होकर उस झोपड़ी पर पलट गया।
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उसमें सो रहे रामदुलार और उसकी पत्नी मुअली दब गई। शोर सुनकर घटनास्थल पर जुटे लोगों ने तत्काल पुलिस को सूचना दी। एसडीएम पुलिस फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे और ट्रक की गिट्टी के नीचे दबे दंपती को जेसीबी की सहायता से निकालने के प्रयास में लग गए। चार घंटे बाद दंपती का शव निकाला जा सका। पुलिस शवों के साथ ही ट्रक को कब्जे में लेकर कोतवाली ले आई।
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दुर्घटना में उमरावती देवी (50) को भी मामूली चोटें आईं। एसडीएम विनय कुमार गुप्ता ने बताया कि मृतक के परिवार को हर संभव मदद दिलाया जाएगा। पुलिस ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज किया जाएगा। हादसे को लेकर लोगों में चर्चा होती रही। चर्चाओं में यह बात प्रमुखता से शामिल थी कि मृतका मुअली के गर्भ में एक शिशु भी पल रहा था। माता-पिता को उसके दुनिया में आने का इंतजार था, लेकिन ऊपर वाले को कुछ और ही मंजूर था।
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ट्रक के नीचे दबकर मृतक दंपती रामदुलार और मुअली का 10 साल का बेटा बल्लो रोज अपने माता-पिता के साथ सोता था, लेकिन सोमवार को जिद कर अपने दादा जगलाल के साथ झोपड़ी में सो गया। अगर वह माता-पिता के साथ झोपड़ी में मौजूद रहा होता तो शायद वह भी काल का शिकार हो जाता। बल्लो के सिर के माता-पिता का साया उठ जाने के बाद उसके पालन-पोषण का संकट खड़ा हो गया है। मृतक के पिता जगलाल की आंखों से बह रहे आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे थे। मृतक अपने चार भाइयों में सबसे बड़ा था।
हादसे के कारण मार्ग पर आवागमन भी बाधित हो गया। कई स्कूल की बसें नहीं जा सकीं, जिससे तमाम बच्चे स्कूल नहीं जा सके। जेसीबी से पलटे ट्रक को हटवाने पर पांच घंटे बाद आवागमन सुचारु हो सका। जाम की वजह से देवरिया, पाह सैयदराजा, चितावन पट्टी, मंझरिया आदि गांव में बच्चों को लेने के लिए स्कूल बस नहीं पहुंच सकी। जाम में भूखे-प्यासे ट्रक चालक और खलासी बार-बार वाहन से उतरकर यह पता लगाते रहे कि पलटे ट्रक को मार्ग से हटवाया गया की नहीं।