उन्होंने कहा कि बीएचयू को छोड़ बाकी विश्वविद्यालयों में सरकारी नौकरी मिल सके, इसीलिए पढ़ाई होती है लेकिन बीएचयू में सरकारी नौकरी नहीं बल्कि देश के निर्माताओं को तैयार करने के लिए पढ़ाई होती है। उन्होंने छात्रों से कहा कि अगर देश निर्माण में योगदान करना चाहते हैं तो यहीं बीएचयू में रहें। दूसरों का गुलाम रहकर नौकरी करने की जरूरत नहीं है।