तीन तलाक को खत्म करने के लिए पूरे देश में बहस तेज होती जा रही है। एक तरफ समाज का वो तबका है जो इस प्रथा को समाजिक बुराई बता रहा है वहीं दूसरी तरफ बड़ी संख्या में ऐसे भी लोग हैं जो इसका पुरजोर समर्थन कर रहे हैं। हाल के दिनों में ऐसे पांच बेहद महत्वपूर्ण बयान आए हैं जिन्हें सभी को पढ़ना चाहिए....
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पीएम नरेंद्र मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तीन तलाक को खत्म करने की मुहिम का समर्थन करते हुए भुवनेश्वर में इस मुद्दे पर बेहद बेबाकी से अपनी राय रखी। पीएम मोदी ने इसे सामाजिक बुराई करार दिया। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर हम मुस्लिम समुदायों के बीच कोई टकराव नहीं चाहते। इस कुरीति को दूर करने के लिए समाज को जागृत करना चाहिए और मुस्लिम महिलाओं को न्याय दिलाने का प्रयास करना चाहिए। उन्होंने कहा कि यह धर्म से जुड़ा मुद्दा न हो कर एक सामाजिक कुरीति है।
प्रधानमंत्री जोरदार के बयान के बाद तीन तलाक के समर्थकों ने माना कि यह गलत प्रथा है लेकिन उन्होंने इसे खत्म कर देने से इंकार कर दिया। तीन तलाक की हिमायती ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने साफ कहा कि शरई मामले में दखल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। बोर्ड ने तय किया है कि शरिया कानून के खिलाफ तीन तलाक देने वालों का सामाजिक बहिष्कार किया जाएगा। बेजा एक साथ तीन तलाक देना सही नहीं है। पर्सनल लॉ बोर्ड ने तलाक के मामले में कोड ऑफ कंडक्ट भी जारी किया।
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सीएम योगी आदित्यनाथ
वहीं इस बहस में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी उतर आए। उन्होंने कहा, ‘इन दिनों देश में इस ज्वलंत मुद्दे पर एक नई बहस छिड़ी हुई है। कुछ लोग इस मसले पर चुप्पी साधे हुए हैं। ऐसे लोग मुझे महाभारत के उस दृश्य की याद दिलाते हैं जिसमें द्रौपदी का चीरहरण हो रहा था और वह सभा में हर किसी से पूछ रही थी इस घटना के लिए जिम्मेदार कौन है। सिर्फ विदुर ने ही जवाब दिया था कि जिन्होंने इस घटना को अंजाम दिया, वे तो अपराधी हैं ही, सहयोगी और मौन रहने वाले भी इसके लिए उतने ही जिम्मेदार हैं। इसी तरह से तीन तलाक को लेकर जो राजनेता मौन हैं, वे भी अपराध में भागीदार हैं।'
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जावेद अख्तर
वहीं तीन तलाक के विरोध में गीतकार- लेखक और पूर्व राज्यसभा सांसद जावेद अख्तर भी उतर आए हैं। उन्होंने ट्वीट कर कहा कि आल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने तीन तलाक का मिसयूज करने वालों का बहिष्कार करने की बात कही है, ये चकमा देने वाली बात है। तीन तलाक वाली बात खुद में ही एक गाली है और इसे बैन किया जाना चाहिए। उन्होंने आगे ट्वीट किया - तीन तलाक का मिसयूज का मतलब क्या है ? क्या इसका कोई तुक बनता है। कल को हमें उत्पीड़न, घरेलू हिंसा और रेप का गलत इस्तेमाल जैसा सुनने को मिलेगा।'
वहीं सीएम योगी के इस बयान के समर्थन में ऑल इंडिया मुस्लिम महिला पर्सनल लॉ बोर्ड की शाइस्ता अंबर आ गईं। शाइस्ता ने कहा कि एक साथ तीन तलाक व हलाला पूरी तरह से मुसलमान महिलाओं के लिए अभिशाप है। मुख्यमंत्री योगी का बयान काबिले एतबार है। एक साथ तीन तलाक को लेकर चुप्पी साधे लोग असल में अपराधी हैं। सरकार जल्द से जल्द सख्त कानून बनाकर एक साथ तीन तलाक देने वालों को जेलों में बंद करने की पहल करे।