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Ganga Vilas: क्रूज के सैलानियों ने देखी गंगा आरती, रामनगर किला और दुर्गा मंदिर की प्राचीनता से भी हुए रूबरू

Wed, 11 Jan 2023 08:42 PM IST
उत्पल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
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गंगा विलास के सैलानियों ने देखी गंगा आरती - फोटो : अमर उजाला
असम के बोगीबील की 3200 किलोमीटर की यात्रा पर रवाना होने के लिए वाराणसी पहुंचे स्विस पर्यटकों ने बुधवार की शाम की गंगा आरती देखी। क्रूज पर सवार होकर वे रविदास, अस्सी, केदारघाट होते हुए दशाश्वमेध पहुंचे और गंगा आरती के अविस्मरणीय पल के गवाह बने। इससे पहले उन्होंने रामनगर किले और दुर्गा मंदिर का भी भ्रमण किया।  क्षेत्रीय पर्यटन अधिकारी कीर्तिमान श्रीवास्तव के मुताबिक मौसम की वजह से स्विस पर्यटकों के चुनाव किले व मिर्जापुर के घंटाघर भ्रमण के कार्यक्रम को रद्द करना पड़ा।



इसके बाद उन्हें रामनगर किले और दुर्गा मंदिर का भ्रमण कराया गया। यहां जर्मन गाइड ने पर्यटकों को रामनगर किले और प्राचीन दुर्गा मंदिर के वस्तु शिल्प और इसके इतिहास के बारे में बताया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 13 जनवरी को वर्चुअल हरी झंडी दिखाकर इस लग्जरी क्रूज को डिब्रूगढ़ की यात्रा पर रवाना करेंगे। वाराणसी से डिब्रूगढ़ की यह यात्रा 52 दिनों में पूरी होगी। यह दूरी 3200 किलोमीटर  की है। 
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गंगा विलास के सैलानियों ने देखी गंगा आरती - फोटो : अमर उजाला
स्विस पर्यटक पीटर ने बताया कि उन्होंने सोशल मीडिया से जितनी जानकारी जुटाई थी, काशी उससे कहीं ज्यादा खूबसूरत है। रामनगर किले का भ्रमण कर पर्यटक वापस क्रूज पर लौट आए। शाम करीब पांच बजे पर्यटक गंगा आरती देखने के लिए क्रूज से निकले। करीब एक घंटा गंगा आरती देखने के बाद रविदास घाट लौट आए। 


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- फोटो : अमर उजाला
क्षेत्रीय पर्यटन अधिकारी ने बताया कि गुरुवार को पर्यटक वाराणसी के प्रमुख पर्यटन स्थलों का भ्रमण करेंगे। इसमें सारनाथ, सिगरा स्थित भारत माता मंदिर और बीएचयू का भारत कला भवन और विश्वनाथ मंदिर शामिल है। 

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- फोटो : अमर उजाला
गंगा विलास क्रूज की आधिकारिक जलयात्रा सितंबर से शुरू हो सकती है, फिर भी क्रूज की बुकिंग अगले दो वर्षों के लिए फुल हो गई। इसकी पुष्टि क्रूज के निदेशक राज सिंह ने भी की है।  निदेशक के मुताबिक, गंगा में क्रूज के संचालन से पर्यटक उत्साहित हैं। विदेशी पर्यटक भी खूब आ रहे हैं। गंगा विलास काशी से बोगीबिल की यात्रा पूरी करेगा, फिर कोलकाता से वाराणसी की सैर पर लौटेगा। 
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- फोटो : अमर उजाला
दुनिया की सबसे लंबी क्रूज यात्रा पर रवाना होने के लिए तैयार गंगा विलास क्रूज आत्मनिर्भर भारत का उदाहरण है। क्रूज का इंटीरियर देश की संस्कृति और धरोहर को ध्यान में रखकर डिजाइन किया गया है। इंटीरियर में सफेद, गुलाबी, लाल और हल्के रंगों का इस्तेमाल किया गया है। वुडेन फ्लोरिंग और रंगों का बेहतर समन्वय पर्यटकों को सबसे अधिक पसंद आ रहा है। सितंबर से क्रूज का नियमित संचालन भी शुरू हो जाएगा।
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वाराणसी पहुंचा गंगा विलास क्रूज - फोटो : अमर उजाला
दुनिया के सबसे लंबे जलमार्ग पर चलने वाले गंगा विलास बनारस से रवाना होने के बाद बिहार और झारखंड से होते हुए 15 दिनों में बांग्लादेश पहुंचेगा। इसके बाद असम के ब्रह्मपुत्र नदी से डिब्रूगढ़ तक जाएगा। यह क्रूज यूपी, बिहार, पश्चिम बंगाल, बांग्लादेश और असम के कुल 27 रिवर सिस्टम से गुजरेगा। इसके रास्ते में मुख्य तीन नदियां गंगा, मेघना और ब्रह्मपुत्र नदियां पड़ेंगी। क्रूज बंगाल में गंगा की सहायक और दूसरे नामों से प्रचलित भागीरथी, हुगली, विद्यावती, मालटा, सुंदरवन रिवर सिस्टम, बांग्लादेश में मेघना, पद्मा, जमुना और फिर भारत में ब्रह्मपुत्र से असम में प्रवेश करेगा। भारत-बांग्लादेश प्रोटोकॉल की वजह से यह यात्रा बांग्लादेश को क्रॉस करेगी। क्रूज यात्री 15 दिनों तक बांग्लादेश में पर्यटन करेंगे।
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