देश के सबसे बड़े परीक्षा बोर्ड में शुमार यूपी बोर्ड की हाईस्कूल, इंटरमीडिएट परीक्षा में इस बार कई तरह के बदलाव देखने को मिलेंगे। सात फरवरी से शुरू होने वाली बोर्ड परीक्षा के लिए परीक्षा समय-सारिणी जारी पहले ही की जा चुकी है। अब परीक्षा केंद्रों की सूची फाइनल करने सहित अन्य तैयारियां चल रही है। यूपी बोर्ड ने पिछले वर्ष परीक्षा के दौरान सीसीटीवी समेत कई कदम उठाए थे। इस वर्ष भी सख्त व्यवस्थाएं की जा रही है। आगे की स्लाइड्स में देखें...
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परीक्षा देते परीक्षार्थी
- फोटो : अमर उजाला
यूपी बोर्ड की हाईस्कूल, इंटरमीडिएट परीक्षा में इस बार कई तरह के बदलाव देखने को मिलेंगे। जहां कमरे में वायस रिकार्डर सहित सीसी कैमरा लगवाया जा रहा है वहीं पारदर्शिता के लिहाज से अब कमरे में छात्रों के बैठने की व्यवस्था के पहले से चले आ रहे मानकों का कड़ाई से पालन कराया जाएगा। अब हर कमरे में 25 छात्र ही बैठकर परीक्षा दे सकेंगे। माध्यमिक शिक्षा परिषद के इस फैसले के बाद परीक्षकों की संख्या बढ़ाने सहित अन्य तैयारियां शुरू हो गई हैं।
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यूपी बोर्ड की परीक्षा
- फोटो : अमर उजाला
सात फरवरी से शुरू होने वाली बोर्ड परीक्षा के लिए परीक्षा समय-सारिणी जारी पहले ही की जा चुकी है। अब परीक्षा केंद्रों की सूची फाइनल करने सहित अन्य तैयारियां चल रही है। इस बीच नकल विहीन परीक्षा कराने और पारदर्शिता की बात तो होती थी लेकिन कमरे में छात्रों के बैठने की व्यवस्था में तय मानक (एक कमरे में 25 छात्र) का अब तक पालन नहीं हो रहा था और मनमाने तरीके से छात्रों को बिठाया जाता था।
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यूपी बोर्ड
- फोटो : SELF
इसको गंभीरता से लेते हुए बोर्ड ने केंद्र निर्धारण नीति में इसको प्रमुखता से शामिल किया है। बोर्ड के मानक के अनुसार एक क्लास रूम की साइज 48 वर्गमीटर (8 मीटर गुणे 6 मीटर) होता है और इसमें एक छात्र को बैठने के लिए 1.86 वर्ग मीटर की आवश्यकता होती है। अब इसका कड़ाई से पालन कराने का निर्देश भी बोर्ड की सचिव नीना श्रीवास्तव की ओर से दिया गया है। दिवाली के बाद परीक्षा केंद्रों की सूची भी जारी की जाएगी।
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यूपी बोर्ड की परीक्षाएं
- फोटो : अमर उजाला
जिला विद्यालय निरीक्षक डॉ. विजय प्रकाश सिंह ने कहा कि बोर्ड की ओर से जारी केंद्र निर्धारण नीति में दिए गए निर्देशों का पालन कराया जा रहा है। इसका उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। जिन विद्यालयों को परीक्षा केंद्र बनाया जाएगा, उनकी परिधि (आसपास) से 200 मीटर की दूरी पर लाल झंडे लगेंगे। इस दायरे में प्रबंधतंत्र का कोई व्यक्ति या बाहरी व्यक्ति प्रवेश नहीं करेगा। जिनकी ड्यूटी केंद्र पर होगी, वह ही अंदर जा सकेंगे।
गली-कूचों में स्थित यूपी बोर्ड के परीक्षा केंद्र भी अब उड़नदस्तों की सीधी निगाह में होंगे और दस्ते की निगहबानी यूपी बोर्ड अधिकारी करेंगे। नकल रोकने की कवायद के बीच इस वर्ष बोर्ड उड़नदस्तों और परीक्षा केंद्रों को जीपीएस से जोड़ने जा रहा है।