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प्रवासी भारतीय सम्मेलन खत्म, कुछ ऐसा दिखा टेंट सिटी का सूरत-ए-हाल

Sun, 27 Jan 2019 10:09 AM IST
Sayali Maurya न्यूज डेस्क,अमर उजाला,वाराणसी
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varanasi - फोटो : amar ujala
काशी में हुए प्रवासी भारतीय सम्मेलन की चर्चाएं दुनिया भर में हो रही हैं। प्रदेश के मुख्यमंत्री से लेकर देश के राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री तक ने अतिथियों का स्वागत किया। प्रवासियों के स्वागत और सुविधाओं के लिए ऐढ़े गांव में बसाई गई जिस टेंट सिटी को बसाने में महीनों लग गए। मेहमानों के जाने के बाद उसकी सूरत ही बदल गई। आगे की स्लाइड्स में देखें तस्वीरें...
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varanasi - फोटो : amar ujala
घोषणा के बाद लोगों ने सम्मेलन को ऐढ़े के लिए गौरव बताया था। देखते ही देखते सड़कें चमक गईं। सड़कों और इलाकों में प्रकाश व्यवस्था दुरुस्त हो गईं। दीवारों पर मनमोहक पेंटिंग बनाई गईं। मेहमानों के स्वागत पर लगभग 200 करोड़ रुपये खर्च भी किए गए। 
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varanasi - फोटो : amar ujala
इसके बाद जैसे ही मेहमान रवाना हुए वैसे ही 45 एकड़ में बनाई गई टेंट सिटी को उखाड़ने का काम शुरू हो गया। खुशनुमा माहौल देखने वाले लोगों के मन में सवाल था कि ये कुछ और समय तक ऐसा ही नहीं रह सकता था।

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वहीं, प्रदेश की एनआरआई राज्यमंत्री स्वाति सिंह ने घोषणा की कि 24 और 25 जनवरी को कार्यक्रम स्थल और टेंट सिटी आम लोगों के लिए खोले जाएंगे। इसके लिए विदेश मंत्रालय ने अनुमति दे दी है। कुछ ऐसी ही बात क्षेत्रीय विधायक रवींद्र जायसवाल ने भी कही थी। लेकिन सब उलट हो गया।
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varanasi - फोटो : amar ujala
जब काशीवासी परिवार के साथ कार्यक्रम स्थल और टेंट सिटी देखने के लिए पहंचे तो उसे उजड़ता देख कर निराश हो गए। लकड़ी और प्लाइवुड से बनी दीवारें गिराई जा रहीं थी। उखड़ी फर्श पर कील-कांटे बिखरे थे। वहीं, वीडीए के उपाध्यक्ष राजेश कुमार ने बताया कि टेंट सिटी 24 जनवरी को आम जनता को दिखाने के लिए प्रशासन की तरफ से कोई आदेश नहीं था। 
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