किशोरियों को थाने ले जाती पुलिस
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शिवदासपुर की रेड लाइट एरिया से मुक्त कराई गई दो किशोरियों ने पुलिस को बताया कि उन्हें उनके परिजनों के बारे में नहीं मालूम कि वे कौन हैं और उनका घर कहां हैं और ? शिवदासपुर के रेड लाइट एरिया कैसे पहुंची, इसकी जानकारी भी उन्हें नहीं है। सभी का कहना था कि उन्हें अब इस परिवेश में रहने की आदत सी पड़ गई है। अब हमें कौन अपनाएगा और हम कहां सुकून से रह पाएंगे। किशोरियों ने बताया कि शुरुआत में उन्हें देह व्यापार के लिए मारापीटा गया, प्रताड़ित किया गया। उन पर 24 घंटे नजर रखी जाती थी।