फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

देह व्यापार से मुक्त किशोरियों ने पुलिस को बताई आपबीती, बोली- मुझे मेरे परिजनों के...

Fri, 15 Mar 2019 12:56 PM IST
Sayali Maurya न्यूज डेस्क,अमर उजाला,वाराणसी
विज्ञापन
1 of 6
छापेमारी करने पहुंची पुलिस - फोटो : amar ujala
उत्तर प्रदेश के वाराणसी में देह व्यापार का बड़ा जाल फैला हुआ है। इस बात का खुलासा वाराणसी के शिवदासपुर के रेड लाइट एरिया में हुए छापेमारी से स्पष्ट होता है। क्राइम ब्रांच और पुलिस की संयुक्त टीम द्वारा एक हफ्ते में दो बार की गई छापेमारी में कुल दो किशोरियों और एक युवती को देह व्यापार के दलदल से छुड़ाया गया है। छापेमारी के वक्त पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की गई थी। देखें आगे की स्लाइड्स में...
 
विज्ञापन

2 of 6
छापेमारी करती पुलिस - फोटो : amar ujala
जिले के मंडुवाडीह थाना क्षेत्र के शिवदासपुर के रेड लाइट एरिया में क्राइम ब्रांच और पुलिस की संयुक्त टीम ने गुरुवार शाम को छापेमारी की। जहां से दो किशोरियों को मुक्त कराया। साथ ही जबरन देह व्यापार कराने के आरोप में पांच महिलाओं और चार पुरुषों को गिरफ्तार किया है। यह छापेमारी प्रयागराज की संस्था फ्रीडम फर्म की शिकायत पर की गई है। 
विज्ञापन

3 of 6
छापेमारी करती पुलिस - फोटो : amar ujala
एसएसपी आनंद कुलकर्णी ने बताया कि प्रयागराज की संस्था फ्रीडम फर्म की तरफ से सूचना मिली कि शिवदासपुर के रेड लाइट एरिया में किशोरियों से जबरन देह व्यापार कराया जा रहा है। इस सूचना पर सीओ चेतगंज अंकिता सिंह के नेतृत्व में क्राइम ब्रांच प्रभारी विक्रम सिंह की रेस्क्यू टीम गठित की गई। गुरुवार को शाम के समय क्राइम ब्रांच ने शिवदासपुर के रेड लाइट एरिया में छापेमारी की।

4 of 6
छापेमारी करने पहुंची पुलिस - फोटो : amar ujala
छापेमारी करने के दौरान इसकी सूचना पहले से ही लीक हो गई थी। जिस मकान में छापेमारी करना तय किया गया था उसका शटर बंद मिला। इस दौरान एक और मकान का शटर बंद रहा। कई बार खटखटाने के बाद भी अंदर से यही आवाज आती रही कि नमाज पढ़ रही हूं। आखिरकार जब शटर खुला तो दो पुरुष पकड़े गए। एक मकान का दरवाजा कई बार खटखटाने के बाद भी नहीं खुला।
विज्ञापन

5 of 6
किशोरियों को थाने ले जाती पुलिस - फोटो : amar ujala
शिवदासपुर की रेड लाइट एरिया से मुक्त कराई गई दो किशोरियों ने पुलिस को बताया कि उन्हें उनके परिजनों के बारे में नहीं मालूम कि वे कौन हैं और उनका घर कहां हैं और ? शिवदासपुर के रेड लाइट एरिया कैसे पहुंची, इसकी जानकारी भी उन्हें नहीं है। सभी का कहना था कि उन्हें अब इस परिवेश में रहने की आदत सी पड़ गई है। अब हमें कौन अपनाएगा और हम कहां सुकून से रह पाएंगे। किशोरियों ने बताया कि शुरुआत में उन्हें देह व्यापार के लिए मारापीटा गया, प्रताड़ित किया गया। उन पर 24 घंटे नजर रखी जाती थी। 
विज्ञापन
विज्ञापन

6 of 6
भागती हुई युवती को पकड़ती टीम - फोटो : amar ujala
धीरे-धीरे उन्होंने देह व्यापार को ही अपनी नियति मान लिया और अब इससे कुछ अलग सोच भी नहीं सकती थी। पुलिस अधिकारियों ने पांचों को समझाया कि आशा ज्योति केंद्र में उनकी काउंसिलिंग कराई जाएगी। इसके बाद उनके रहने की व्यवस्था संवासिनी गृह या नारी निकेतन में कराई जाएगी। इसे लेकर पांचों के चेहरे पर किसी भी तरह से खुशी देखने को नहीं मिली। पांचों का कहना था कि देखते हैं कि हमें कितना अपनेपन के साथ समाज अपनाता है और कितने सम्मान के साथ जीवन जीने का अवसर मिलता है। 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें