आध्यात्मिक राजधानी वाराणसी में तैयार हो रहा सबसे बड़ा साधना केंद्र स्वर्वेद महामंदिर शिल्पकला और आधुनिक तकनीक के अद्भुत सामंजस्य का प्रतीक है। विश्वनाथ धाम के साथ ही यह महा मंदिर काशी के धार्मिक व सांस्कृतिक महत्व को और बढ़ाएगा। फिलहाल तीन दिवसीय वार्षिकोत्सव के लिए दुनिया भर के जिज्ञासु 10 दिसंबर के बाद से जुटने लगेंगे। विहंगम योग के जरिये नशा मुक्ति की राह प्रशस्त करने वाले आध्यात्मिक अभियान में हर वर्ष लाखों लोग जुड़ रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 14 दिसंबर को महा मंदिर परिसर में आयोजित वार्षिकोत्सव में हिस्सा लेंगे। इस दौरान दो लाख से ज्यादा जिज्ञासुओं के शामिल होने की उम्मीद है। 180 फीट ऊंचाई के सप्त तलीय महामंदिर परिसर में 100 फीट ऊंची सद् गुरुदेव की सैंड स्टोन की प्रतिमा भी स्थापित होगी।