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सूर्य प्रताप हत्याकांड: हत्या के लिए मंजीत ने खरीदी थी देसी पिस्टल, कॉलेज में दौड़ाकर दागीं गोलियां; नए खुलासे

Sun, 22 Mar 2026 09:56 AM IST
Akash Dubey माई सिटी रिपोर्टर, वाराणसी

सार

यूपी कॉलेज छात्र सूर्य प्रताप सिंह की हत्या के आरोपी मंजीत चौहान ने पुलिस को बताया कि सूर्य की मनबढ़ई और पिटाई से आहत होकर उसने गोली मारी। मंजीत को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा गया।
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सूर्य प्रताप हत्याकांड - फोटो : अमर उजाला
यूपी कॉलेज के बीएससी मैथ फोर्थ सेमेस्टर छात्र सूर्य प्रताप सिंह की गोली मारकर हत्या के मामले में गिरफ्तार आरोपी मंजीत चौहान सूर्य की मनबढ़ई से वह आजिज आ गया था। हॉस्टल के छात्रों का साथ पाकर सूर्य खुद को कॉलेज का शहंशाह समझ बैठा था। सूर्य की हत्या के लिए उसने भदोही से 35 हजार रुपये में देसी पिस्टल खरीदी थी। दो साल से वह अवैध पिस्टल अपने साथ रखता था। वारदात वाले दिन कॉलेज परिसर में सूर्य को दौड़ाकर सीने और सिर में गोली मारी। यह जानकारी मंजीत ने पुलिस की पूछताछ में दी है।
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यूपी कॉलेज के गेट पर मौजूद पुलिस व छात्र - फोटो : अमर उजाला
शनिवार को शिवपुर पुलिस ने आरोपी को रिमांड मजिस्ट्रेट सौम्या पांडेय की कोर्ट में पेश किया। कोर्ट ने न्यायिक रिमांड बनाते हुए आरोपी को 14 दिनों की न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया। एहतियातन कोर्ट में कैंट समेत तीन थानों की फोर्स तैनात रही और कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई।
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यूपी कॉलेज परिसर में जमकर मचा बवाल। - फोटो : संवाद
एसओजी की पूछताछ में सामने आया कि छोटी-छोटी बातों पर सूर्य की टोका-टिप्पणी मंजीत को नागवार लगती थी। कॉलेज परिसर में सूर्य और उसके साथियों द्वारा शुक्रवार की सुबह पिटाई से वह इतना आहत हुआ कि पिस्टल फुल मैगजीन के साथ परिसर में पहुंचा और सूर्य को दौड़ाकर गोली मार दी।

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बिलखते छात्रों को समझाती पुलिस। - फोटो : संवाद
सूर्य के साथी आकाश और उत्कर्ष ने मंजीत को रोकने का प्रयास किया, लेकिन पिस्टल से निकलती गोलियों की वजह से वे सूर्य के नजदीक जाने की हिम्मत नहीं जुटा सके। वारदात के समय कक्षा संख्या 11 के सामने एक महिला प्रोफेसर और कुछ छात्राओं ने सूर्य को बचाने की गुहार लगाई, लेकिन मंजीत ने रहम नहीं खाया।
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दोस्त की लाश देख बिलखते रहे छात्र। - फोटो : संवाद
कला एवं सामाजिक विज्ञान संकाय में वारदात के बाद वह एक मंजिला, लगभग 12 फीट ऊंची छत से कूदकर बाहर की ओर भागा। छत से कूदने में उसका पैर फ्रैक्चर हो गया और सिर भी फट गया। ई-रिक्शा से वह गिलट बाजार पहुंचा। चोट के कारण वह अधिक दूर नहीं जा सका। उसने अपने एक परिचित को कॉल कर घटना की जानकारी दी।
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यूपी कॉलेज परिसर में जमकर मचा बवाल। - फोटो : संवाद
परिजनों और पड़ोसियों से भी नहीं बनती थी मंजीत की
आरोपी मंजीत चौहान के बारे में पुलिस ने बताया कि वह चांदमारी क्षेत्र में रहता है। मुख्य मार्ग पर उसका मकान है। आगे कटरा संचालित है, जबकि पीछे मकान में वह रहता है। परिजनों से भी उसका व्यवहार अच्छा नहीं है। आसपास के लोगों से भी उसकी मारपीट होती रहती है, इसलिए बहुत कम लोग उसे पसंद करते हैं। उसके पिता राजगीर मिस्त्री हैं। हत्या में नामजद आरोपी अनुज सिंह के बारे में मंजीत ने पुलिस को बताया कि इस वारदात को उसने अकेले ही अंजाम दिया। अनुज उसके साथ कॉलेज नहीं गया था।
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बेटे की लाश देख बेसुध हुई मां। - फोटो : संवाद
गैंगस्टर बनने की चाहत में सूर्य की हत्या से रखा अपराध में कदम
इंस्टाग्राम पर खुद को ‘मंजीत माफिया’ बताने वाले मंजीत के करीबियों ने बताया कि वह गैंगस्टर बनने की चाहत रखता था। उसकी कई पोस्ट में वह खुद को दबंग दिखाने का प्रयास करता था। इंटर तक साथ पढ़े सूर्य और मंजीत के बीच शुरू से ही तनातनी थी। हॉस्टल के समर्थन के कारण सूर्य प्रताप सिंह, मंजीत पर भारी पड़ता था। 

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छात्रों से बातचीत करते पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल। - फोटो : संवाद
वह तीन बार मंजीत को पीट चुका था। 17 मार्च को कॉलेज गेट के पास गन्ने और लाठी से मंजीत और अन्य युवकों की पिटाई की गई थी। मामला थाने और गिलट बाजार चौकी तक भी गया, लेकिन पीड़ित पक्ष के एक छात्र ने अपनी तहरीर वापस ले ली थी। 17 मार्च और फिर 21 मार्च को दोबारा पिटाई होने के बाद मंजीत ने ठान लिया कि अब वह यह अपमानजनक जिंदगी नहीं जीएगा।
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हंगामा कर रहे छात्रों को समझाती पुलिस। - फोटो : संवाद
आरोपी को जेल भेज दिया गया है। छह टीमें मामले की जांच में जुटी हैं। अब तक फरार दूसरे नामजद आरोपी अनुज की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है। - प्रमोद कुमार, डीसीपी वरुणा जोन
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