25 मई दिन शुक्रवार को शाम 4.41 बजे सूर्य देव रोहिणी नक्षत्र में प्रवेश करेंगे। आने वाले करीब 14 दिनों तक गर्मी के बढ़ने के आसार हैं। काशी के ज्योतिषियों और मौसम वैज्ञानिकों ने कहा है कि आने वाले दिनों में भीषण गर्मी पड़ेगी लेकिन यह फायदेमंद भी साबित होगा। आगे की स्लाइड्स में देखें..
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- फोटो : sun
विद्वानों का मानना है कि सूर्य वृषभ राशि तथा रोहिणी नक्षत्र में संचरण करते हैं, तब बारिश के मौसम में अच्छी वर्षा होती है। है। इस समय की गर्मी को लेकर कृषि वैज्ञानिक भी अपना वैज्ञानिक मत दे रहे हैं। पं. गणेश मिश्रा ने बताया कि भारतीय ज्योतिष के अनुसार वृषभ राशि का स्वामी शुक्र है। शुक्र की राशि में सूर्य का जाना गर्मी पैदा करता है। इससे रोहिणी नक्षत्र में भीषण गर्मी पड़ती है।
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सूर्य देव के वृषभ राशि व रोहिणी नक्षत्र में परिभ्रमण के 14 दिन के आधार पर अच्छी बारिश का बोध कराते हैं। इस बार रोहिणी का निवास संधि के घर है। इसका असर मध्यम वृष्टि तथा खेती की दृष्टि से श्रेष्ठ है। यही नहीं इस बार सूर्य के रोहिणी संचरण काल में शनि का वक्रत्व काल रहेगा। शनि अपनी वक्र दृष्टि का प्रभाव दिखाएंगे। इसका असर वर्षा काल में खंड वृष्टि के रूप में नजर आएगा। इसलिए रूक-रूक कर बारिश होगी।
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बीएचयू के कृषि वैज्ञानिक डॉ. पीके सिंह ने बताया कि इस समय अधिक गर्मी पड़ने से मिट्टी भी खूब तप जाती है। ऐसे में इसमें पाए जाने वाले सभी हानिकारक कीट मर जाते हैं। वहीं एक बारिश के बाद जब खेतों की जुताई होती है तो उपर के खर पतवार जमीन के अंदर चले जाते हैं और सड़ कर खाद बन जाते हैं। इसलिए इस समय की गर्मी किसानों के लिए काफी फायदेमंद होती है।
बीते कई दिनों से गर्मी व उमस से लोग बेहाल हैं। सुबह सात बजते ही सूर्य की तीखी किरणों से दोपहर तक धरती अंगारे की तरह तपने लग रही है। भयंकर गर्मी के चलते तालाब, कुएं, हैंडपंप तक प्यासे हो चुके हैं। कड़ी धूप में सड़कों पर सियापा सा छा जा रहा है। जरूरी काम वाले ही घरों के बाहर कदम निकाल रहे। बुधवार को दोपहर तक हवा थमने से वातावरण में उमस ने लोगों को बेहाल कर दिया। पारा सुबह न्यूनतम 28 तो दोपहर में अधिकतम 44 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।