वाराणसी उन प्राचीन शहरों में है, जिसका दिल समृद्ध विरासत समेटे हुए आधुनिकता के तले भी धड़क रहा है। गंगा किनारे यह शहर हिंदू, बौद्ध और जैन समाज के लिए खासी अहमियत रखता है। यह हिंदू, बौद्ध और जैन समाज के धार्मिक, आध्यात्मिक विचारों और मान्यताओं का गढ़ रहा है। इसलिए इसे प्राचीन शिक्षा, धर्म, दर्शन, योग, कला साहित्य और आध्यात्मिकता का सांस्कृतिक केंद्र भी कहा गया है। आगे की स्लाइड्स में देखें...
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Spiritual Wisdom Garden
- फोटो : amar ujala
वाराणसी घूमने आए हों तो सारनाथ न जाएं ये कैसे हो सकता है। सारनाथ भारत के ऐतिहासिक विरासत का जीता जागता उदाहरण है। भगवान बुद्ध ने ज्ञान प्राप्ति के बाद अपना पहला उपदेश यहीं दिया था।
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सारनाथ स्थित गार्डन ऑफ स्पिरिचुअल विज्डम यहां आने वाले पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र बन चुका है। बुद्ध धर्म में रुचि रखने वाले कई पर्यटक यहां आते हैं। क्षेत्रिय पुरातत्व अधिकारी की मानें तो यह गार्डन प्रदर्शनी व मूर्तियों के जरिए बौद्ध धर्म के मुख्य तत्व को संप्रेषित करता है।
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यहां लगने वाली प्रदर्शनी में भारतीय अध्यात्म का सार बहुत ही सरल भाषा में ग्राफिक के साथ सचित्र किया जाता है। यह गार्डन बहुत ही खूबसूरती से बना हुआ है। बौद्ध धर्म के चार आर्य सत्य व अष्टांग मार्ग को पत्थरों के जरिए एक सजीव रूप देने की कोशिश की गई है।
गार्डन के एक भाग में जड़ी-बूटी संबंधी पेड़-पौधे लगाए गए हैं, जो आयुर्वेद का आधार है। यहां की जड़ी बुटियों की महक से पूरा गार्डन सुगंधित बना रहता है। यहां देश के विभिन्न भागों से लाए गए आयुर्वेदिक पौधों की प्रदर्शनी पर्यटकों को आयुर्वेद की एक झलक दिखाती है।