शिवलिंग स्थापना के बाद पुजारी व परिजनों के साथ एसपी बालासुब्रमण्यम
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बटुकों संग आरती करने के बाद उन्होंने यज्ञ में भी हिस्सा लिया था। संगीत का जब मंच सजा तो उन्होंने संगीत रसिकों के अंतर्मन को तृप्त कर दिया था। राग अहिर भैरव में आदि ताल में निबद्ध शिव स्तुति का गान उनके मुख से अद्भुत था। ओम नम: शिवाय, गंगा तरंग रमणीय जटा कलापम्...के बाद जब उन्होंने विराम लिया तो पूरा मंच हर-हर महादेव के जयघोष से गूंज उठा।
उन्होंने आयोजकों से दोबारा इस मंच पर प्रस्तुति देने का वायदा किया था। चिंतामणि गणेश मंदिर के महंत चल्ला सुब्बा राव शास्त्री ने बताया कि एसपी बालसुब्रमण्यम संकटमोचन के दरबार में भी संगीतांजलि देना चाहते थे लेकिन उनकी यह इच्छा अधूरी रह गई।