कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी की वजह से हमारा बिछड़ा बेटा मिल पाया है। वह हमारे लिए देवदूत से कम नहीं हैं। वह पहल नहीं करतीं तो शायद मैं बेटे को दोबारा नहीं देख पाती। यह कहते-कहते राजेश की मां मीता सोनकर की आंखें छलछला उठीं। शनिवार को कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी की पहल पर राजस्थान सरकार ने वाराणसी के औरंगाबाद निवासी दिव्यांग (मूक विमंदित) राजेश सोनकर को घर पहुंचाया।
बेटे को 20 दिनों के बाद पाकर मीता प्रियंका गांधी को धन्यवाद दे रही हैं। उन्होंने कहा कि उनका परिवार सदैव ऋणी रहेगा। राजेश 20 दिन पहले भटककर किसी ट्रेन में बैठकर राजस्थान के बूंदी चला गया था। इसके बाद जूस का ठेला लगाकर अपना गुजारा करने वाली उसकी मां मीता उसे खोजने लगी। इसका वीडियो किसी ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर दिया था। फिर किसी कांग्रेस कार्यकर्ता ने उसे प्रियंका गांधी वाड्रा को टैग कर दिया। देखें अगली स्लाइड्स...।
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दो दिन पूर्व राजेश सोनकर की फोटो राजस्थान के बूंदी में वायरल हो गई। प्रियंका गांधी वाड्रा ने जब इस पोस्ट को देखा तो उन्होंने राजस्थान सरकार की प्रवासी सहायता टीम को राजेश को बनारस पहुंचाने का निर्देश दिया।
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उसके बाद मीता सोनकर को प्रवासी सहायता टीम के प्रभारी चर्मेश शर्मा ने पार्टी के खर्चे से राजस्थान बुलवाया। पहचान कराने के बाद वहां से कार से दोनों को बनारस भेजा गया। बनारस पहुंचने पर पूर्व विधायक अजय राय ने दोनों का स्वागत किया।
पूर्व विधायक ने कहा कि प्रियंका गांधी की पहल की जितनी प्रशंसा की जाए कम है। इस दौरान राघवेंद्र चौबे, मनीष मोरोलिया, पंकज सिंह डब्ल्यू, चंचल शर्मा, फसाहत हुसैन, विश्वनाथ कुंवर, हसन मेंहदी कब्बन आदि मौजूद रहे।