प्रगतिशील समाजवादी पार्टी (लोहिया) के राष्ट्रीय अध्यक्ष शिवपाल सिंह यादव ने समाजवादी पार्टी के गढ़ में रैली का आयोजन कर अपनी ताकत का प्रदर्शन किया। बुधवार को चंदौली के सकलडीहा इंटर कॉलेज के मैदान में समर्थकों की भारी भीड़ देख शिवपाल गदगद हो गए। अपने भाषण में उन्होंने विरोधियों पर हमला और कटाक्ष किया तो वहीं ही पारिवारिक विवाद और सपा से अलग होने के दर्द को इशारों में बयां कर दिया। शिवपाल की रैली के बाद पूर्वांचल में राजनीति गरम हो गई है।
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- फोटो : अमर उजाला
चंदौली की जनसभा के बाद वाराणसी पहुंचे शिवपाल सिंह यादव ने कहा कि हमारी लड़ाई भाजपा से है। 45 दलों का साथ हमारे पास हैं। हमारा चुनाव सिंबल ही चाभी है। हमारा चुनावी सिंबल मास्टर की है। कैंटोनमेंट स्थित सभागार में पत्रकारों से शिवपाल ने कहा कि लोकसभा चुनाव में अपनी पार्टी से मुलायम सिंह यादव को ऑफर दिया है। अगर वह हमारे पार्टी से चुनाव लड़ेंगे तो हम सभी सीटों पर प्रत्याशी उतारेंगे।
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अलग पार्टी बनाने के बाद चंदौली में पहली बार आयोजित शिवपाल यादव की सभा में बड़ी संख्या में महिलाएं, युवक और कार्यकर्ता पहुंचे थे। भीड़ को देख गदगद हुए शिवपाल ने भाजपा पर झूठे वादों से जनता को छलने वाली पार्टी बताते हुए शिवपाल ने जमकर हमला बोला। वहीं, सपा-बसपा पर भी भड़ास निकालते हुए दोनों दलों के गठबंधन पर कटाक्ष किया। कहा कि जिन लोगों ने नेता जी मुलायम सिंह यादव को गाली दी, सपा को गुंडों वाली पार्टी बताया, आज उन्हीं के साथ सपा अध्यक्ष ने हाथ मिला लिया है।
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अखिलेश यादव को निशाना बनाने के साथ मायावती पर हमला बोला। बसपा सुप्रीमो पर तंज कसते हुए कहा कि टिकट बेचने वाले लोग हैं, उनका कोई भरोसा नहीं है। भाजपा के लोगों को राखी बांधने कौन गया था। तीन बार भाजपा की मदद से मुख्यमंत्री कौन बना है। कहा कि बहन जी ने मुझ पर यौन शोषण का आरोप लगाया था। मैं नार्कों टेस्ट के लिए तैयार हुआ तो बहन जी पीछे हट गईं।
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प्रसपा और बहुजन मुक्ति पार्टी की संयुक्त रैली में शिवपाल ने कहा कि भाजपा के नारे अच्छे हैं, लेकिन नारा देने वाले अच्छे नहीं हैं। जिन वादों से भाजपा ने चुनाव जीता था, उन्हें आज तक पूरा नहीं किया। भाजपा की सरकार में संविधान को भी खतरा है। हम समान विचारधारा वाले दलों के साथ मिलकर लोकसभा चुनाव में मुकाबला करेंगे, ताकि संविधान और जनता को खतरा पहुंचाने वालों को सत्ता में आने से रोका जा सके।
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बसपा, सपा और प्रो. रामगोपाल पर भी हमला बोला। कहा कि सपा और बसपा गठबंधन करके भाजपा को लाभ पहुंचा रही हैं। सपा को बड़े भाई ने पलीता लगा दिया है। समाजवाद को बचाने के लिए मजबूरी में प्रसपा का गठन करना पड़ा। हमारे बड़े भाई रामगोपाल ने कहा है कि पूर्वांचल में जाओगे तो पीटे जाओगे। हम इससे डरने वाले नहीं है। वे हमारे बड़े भाई हैं, जब चाहे पीट सकते हैं और पिटवा भी सकते हैं। सपा और बसपा दोनों के अध्यक्ष सीबीआई से बचने के लिए महागठबंधन कर रहे हैं।
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प्रसपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष शिवपाल यादव के बोलने के बाद मंच पर बहुजन मुक्ति मोर्च के राष्ट्रीय अध्यक्ष बीएल मातंग बोल रहे थे। इसी बीच शिवपाल यादव उठकर चल दिए। जो चर्चा का विषय बना रहा। उपस्थित लोगों ने चुटकी लेते हुए कहा कि यह कैसा गठबंधन है, एक राष्ट्रीय अध्यक्ष बोल रहे है तो दूसरे राष्ट्रीय अध्यक्ष चल दिए।
समाजवादी पिछड़ा प्रकोष्ठ के विशेष आमंत्रित प्रदेश सदस्य सेचन सिंह यादव अपने आप को शिवपाल मोह से अलग नहीं कर पाए। वह समर्थकों के साथ सकलडीहा स्वागत गेट पर पहुंच गए। इस दौरान ‘अखिलेश-शिवपाल एक हों’ के नारे लगाए गए। इसकी भनक लगते ही सपाइयों में खलबली मच गई। मौके पर पहुंचे सपा जिलाध्यक्ष सत्यनारायण राजभर उन्हें वहां से किसी तरह हटाया। वहीं, शिवपाल सिंह यादव की सभा पर समाजवादी पार्टी के नेता टकटकी लगाए हुए थे।