संत रविदास की जयंती सीरगोवर्धन में उनकी जन्मस्थली पर 27 फरवरी को मनाई जाएगी। हर वर्ष देश ही नहीं बल्कि विदेशों से भी बड़ी संख्या में रैदासी यहां माथा टेकने पहुंचते हैं। उधर, सीर गोवर्धनपुर में दुकानें जिस तरह सजकर तैयार हो गई हैं, उससे पंजाब के बेगमपुर जैसा नजारा दिख रहा है। अब यहां लंगर भी शुरू हो गया है। संगत और सेवादारों के आने का सिलसिला जारी रहा।
सीरगोवर्धनपुर में बनाई गई टेंट सिटी को देखकर बेगमपुर का अहसास हो रहा है। यहां अलग-अलग पंडालों में गुरु की आराधना शुरू हो गई है। आराधना करते रैदासी कहीं खजरी पर झूमते नजर आए, तो कहीं गुरु की अमृतवाणी सुन कर मंत्रमुग्ध होते दिखे। उधर, सेवादारों की ओर से लंगर प्रसाद की तैयारियां भी चलती रहीं। मंदिर के ट्रस्टी नारंजन दास चीमा ने बताया रविदास के जन्मस्थली पर संगत का 5000 से ज्यादा का जत्था पहुंच गया है। 1000 से ज्यादा सेवादार सेवा करने के लिए पहुंच गए है। रविदास मंदिर को भी रंग बिरंगी झालरों की लड़ी से सजाया गया है। वहीं पंजाब से आई महिलाओं ने गुरु कीर्तन करते हुए लंगर का प्रसाद भी बनाया। लोगों की सहायता के लिए कंट्रोल रूम भी बनाया गया है। 27 तारीख को पूर्व सीएम अखिलेश यादव और कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी भी आएंगी।