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काशी की देव दीपावलीः यदि इन तस्वीरों को नहीं देखा तो क्या देखा आपने

Sun, 05 Nov 2017 05:32 PM IST
टीम डिजिटल,वाराणसी
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dev deepawali - फोटो : अमर उजाला
तीनों लोक से न्यारी काशी की धरा पर देवदीपावली की  शाम इंद्रधनुषी छटा निखर गई। गंगा का अर्धचंद्राकार किनारा दैवीय आभा से दमक उठा। सुरसरि के घाटों पर ओर से छोर तक दीपों का तारामंडल इठलाने लगा तो पूनम का चांद भी शरमा सा गया। राजघाट से अस्सी घाट तक ऐसे ही अप्रतिम नजारों की झलक पाने के लिए काशी ही नहीं दुनिया के कई देशों के लोग उमड़ पड़े थे।  आगे की स्लाइड्स में देखें वो तस्वीरें जो बड़ी खास है। 
 
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dev deepawali - फोटो : अमर उजाला

गंगा तटों पर कहीं फूलों की लड़ियां सजीं तो कहीं रंगोलियां। कहीं हल्दी-चंदन से अल्पनाएं उकेरी गईं तो कहीं फुलझड़ियों की सतरंगी बौछारें उत्सव में आनंद का संचार करती रहीं।  पौराणिक कथाओं  के अनुसार त्रिपुरासुर के वध के बाद देवताओं ने कभी काशी में ऐसी ही दिवाली मनाई थी। अब घाट-घाट पर दीपों का ज्योतिर्मय उपहार उसी परंपरा का उत्सव बन गया है।  
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dev deepawali - फोटो : अमर उजाला
देव दीपावली की मानो तारे जमीं पर उतर आए हों। उत्तरवाहिनी गंगा का किनारा दीपमालाओं की लड़ियों से तारामंडल सा निखर उठा। कहीं दीपों की अवलियां (पंक्तियां) तो कहीं संदेशपरक अल्पनाएं दीपों की लौ में साकार हुईं। गंगा की मचलती लहरों पर लतरों, ध्वजा-पताकाओं और गेंदा, गुलाब के फूलों से सजे नावों-बजड़ों के झुंड इतराए तो पूर्णिमा का चांद भी हिचकोले खाता रहा। 

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dev deepawali - फोटो : अमर उजाला
शनिवार की शाम काशी में मनाए गए दीपोत्सव का नजारा ऐसा ही रहा। दोपहर बाद ही दीपोत्सव देखने के लिए घर-घर से बच्चों, महिलाओं के साथ लोग गंगा तट की ओर चल पड़े। दशाश्वमेध घाट, शीतला घाट, अहिल्याबाई घाट, राजेंद्र प्रसाद घाट की सीढ़ियां किसी छविगृह की बालकनी की तरह आस्थावानों से खचाखच भर गईं। उसी जन सैलाब के बीच घाट-घाट पर महिलाएं दीप सजाने उतरने लगीं। 
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dev deepawali - फोटो : अमर उजाला

बच्चे, महिलाएं और युवा दीपों की पंक्तियां सजाने लगे। शाम 5:30 बजे से घाटों पर कहीं स्वास्तिक तो कहीं ऊं नम: शिवाय तो कहीं स्वच्छ भारत अभियान के स्लोगन दीपों की अल्पनाओं में प्रज्ज्वलित होने लगे। दशाश्वमेध घाट पर इंडिया गेट की रिप्लिका के समक्ष अमर जवान ज्योति जलाई गई। 
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dev deepawali - फोटो : अमर उजाला

शनिवार की शाम जैसे ही अस्ताचलगामी का प्रकाश कम हुआ तो घाटों पर मानों अनेक छोटे सूर्य दीपक के रूप में जलने लगे। इस नयनाभिराम दृश्य को न केवल लोगों ने मन मंदिर में बसाया बल्कि कैमरों में भी कैद किया। भीड़ ऐसी की लोगों को चलने के बजाय रेंगना पड़ा। 
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dev deepawali - फोटो : अमर उजाला
देव दीपावली पर घाटों पर जगमगाते लाखों दीपों को देखने विभिन्न देशों से आए विदेशी एवं देशी पर्यटकों का भावपूर्ण स्वागत किया गया। पोलैंड, फ्रांस, अमेरिका, जर्मनी आदि देशों के 36 विदेशी पर्यटकों को रोरी-तिलक लगाकर उन्हें माला पहनाई और अंगवस्त्रम से उनका स्वागत किया। स्वागत से अभिभूत विदेशी सैलानियों वे कहा- ‘थैंक्यू इंडिया।’

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dev deepawali - फोटो : अमर उजाला
मोक्ष की नगरी काशी में घर से लेकर गंगा घाट तक देवदीपावली धूमधाम से मनाई गई। एक ओर मणिकर्णिका घाट पर जहां चिताए जल रही थी तो वहीं दूसरी ओर भैंसासुर (राजघाट) पर भजन सम्राट अनूप जलोटा भक्ति गीत के जरिए लोगों को चिंता से मुक्ति दिला रहे थे। 

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dev deepawali - फोटो : अमर उजाला

शनिवार की शाम जैसे ही अस्ताचलगामी का प्रकाश कम हुआ तो घाटों पर मानों अनेक छोटे सूर्य दीपक के रूप में जलने लगे। इस नयनाभिराम दृश्य को न केवल लोगों ने मन मंदिर में बसाया बल्कि कैमरों में भी कैद किया। भीड़ ऐसी की लोगों को चलने के बजाय रेंगना पड़ा। 

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dev deepawali - फोटो : अमर उजाला

शनिवार की शाम जैसे ही अस्ताचलगामी का प्रकाश कम हुआ तो घाटों पर मानों अनेक छोटे सूर्य दीपक के रूप में जलने लगे। इस नयनाभिराम दृश्य को न केवल लोगों ने मन मंदिर में बसाया बल्कि कैमरों में भी कैद किया। भीड़ ऐसी की लोगों को चलने के बजाय रेंगना पड़ा। 

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dev deepawali - फोटो : अमर उजाला
मणिकर्णिका घाट पर ऋषि दवे के नेतृत्व में दीये जलाए गए। सिंधिया घाट पर आकर्षक रंगोली के साथ भगवान की आकृति के दीये जलाए गए। बूंदीपरकोटा घाट पर पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की फोटो लगी रही। यहां फूलों से रंगोली बनाई गई। शीतला घाट और लालघाट पर शिवानी सेवा समिति की ओर से स्वच्छता के दीप जलाए गए। हनुमानगढ़ी घाट पर सबसे पहले दीया जलाया गया। 
 

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dev deepawali - फोटो : अमर उजाला
केंद्रीय देव दीपावली समिति ने भोंसले घाट पर अप्पा जी, श्याम बिहारी व्यास, भगवती प्रसाद सेठ, नन्हेराम यादव, प्रमोद यादव को दीयों के साथ याद किया। इनके अलावा पंचगंगा स्पोर्टिंग क्लब की ओर से भी ठुमरी साम्राज्ञी गिरिजा देवी को श्रद्धांजलि दीपदान के जरिए दी। यहां दो हजारा दीप जलाए गए। आकर्षक रंगोली बनाई गई। 

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dev deepawali - फोटो : अमर उजाला
गणेश घाट और गुलेरिया कोठी के पास आकर्षक सजावट की गई। मेहता स्पोर्टिगिं क्लब ने आतिशबाजी की। जटार घाट पर आरती और राजा ग्वालियर घाट को गुब्बारे से सजाया गया। बालाजी और पंचगंगा घाट पर बड़े दीये और आकाशदीप जलाए गए। यहां श्रीमठ की ओर से बजड़े पर देवदीपावली महोत्सव मनाया गया। हजारा का पूजन हुआ। महाआरती भजन का कार्यक्रम के साथ दीपदान हुआ।  
 

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dev deepawali - फोटो : अमर उजाला
श्रीकाशी गंगा सेवा समिति ग्रोपेक्ष तीर्थ गायघाट पर राम हनुमान की आकर्षक झांकी सजाई गई। महादेव का अलौकिक दर्शन पूजन हुआ। यही पर अमर जवान ज्योति, जय जवान और जय किसान की झांकी सजाई गई। गोलाघाट, नंदेश्वर घाट, सक्का घाट पर भारत का नक्शा बनाया गया। 
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dev deepawali - फोटो : अमर उजाला
मणिकर्णिका घाट पर ऋषि दवे के नेतृत्व में दीये जलाए गए। सिंधिया घाट पर आकर्षक रंगोली के साथ भगवान की आकृति के दीये जलाए गए। बूंदीपरकोटा घाट पर पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की फोटो लगी रही। यहां फूलों से रंगोली बनाई गई। शीतला घाट और लालघाट पर शिवानी सेवा समिति की ओर से स्वच्छता के दीप जलाए गए। हनुमानगढ़ी घाट पर सबसे पहले दीया जलाया गया। 
 
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