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‘रस बनारस’ में जीवंत हुआ मिनी भारत का नजारा, गंगा घाटों पर बरसे लोक कलाओं के रंग, देखें तस्वीरें

Fri, 23 Feb 2018 05:13 PM IST
टीम डिजिटल,वाराणसी
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ras banaras - फोटो : अमर उजाला
संस्कृति मंत्रालय की ओर से महात्मा गांधी की याद में चार दिवसीय ‘स्वच्छाग्रह : बापू को कार्यांजलि’  धर्म एवं संस्कृति नगरी काशी में गुरुवार को समाप्त हो गया। इस आयोजन में मानमहल घाट पर  ‘रस बनारस’ सांस्कृतिक संध्या और अस्सी घाट पर आयोजित पारंपरिक लोक महोत्सव ने अमिट छाप छोड़ी। कार्यक्रम के तहत काशी का सौंदर्य, कला, संस्कृति की छटा यहां के घाट और सड़कों पर अपने अद्भुत कलेवर में दिखी। आगे की स्लाइड्स में देखें तस्वीरें...
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ras banaras - फोटो : अमर उजाला

‘रस बनारस’ सांस्कृतिक संध्या में ठुमरी, चैती, होली गीत और कथक भाव नृत्य के संगम से दो दिनों तक गंगाघाट संगीतमय रहा। गुरुवार को लोकगायिका मालिनी अवस्थी ने ऋतु गीतों के माध्यम से बनारस की उपशास्त्रीय गायन परंपरा की खूबियों से परिचित कराया। उन्होंने मिश्र खमाज में मद के भरे तोरे नैन...की प्रस्तुति कर खूब वाहवाही लूटी। दादरा में गंगा रेती पर बंगला छवाओ मोरे राजा की प्रस्तुति से उन्होंने महफिल लूट ली। 
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ras banaras - फोटो : अमर उजाला

बनारस को बनारस के नजरिए से देखने की अनूठी कोशिश के रूप में यादगार बनी रस बनारस पहले दिन  बनारस घराने के नाम रही। बनारस के कलाकारों ने विशुद्ध बनारसी माहौल में मान महल घाट पर जुटे देश-दुनिया के दर्शकों के समक्ष गायन, वादन और नृत्य विधाओं की बानगी पेश की। बनारस की सदियों पुरानी संस्कृति का प्रतीकात्मक दर्शन कराने वाले वातावरण में शहनाई की स्वर लहरियों की गुनगुनाहट शुरू हुई। 

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ras banaras - फोटो : अमर उजाला
सांस्कृतिक मंत्रालय की ओर से आयोजित चार दिवसीय रस बनारस के समापन अवसर पर मुख्य अतिथि केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री महेश शर्मा ने कहा कि जल्द ही बड़े सांस्कृतिक आयोजन कराने की तैयारी है। इसकी शुरुआत काशी से होगी और देश के बड़े 12 शहरों में आयोजन कराया जाएगा। इस मौके पर उन्होंने मंच पर मालिनी अवस्थी सहित शामिल कलाकारों को सम्मानित किया। 
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ras banaras - फोटो : अमर उजाला
रस बनारस के चार दिवसीय आयोजन के अंतर्गत अस्सी घाट पर शिल्प मेला और लोक नृत्यों पर आधारित सांस्कृतिक संध्या का आगाज 19 फरवरी को किया गया था। इसमें 12 से अधिक राज्यों के लोक एवं आदिवासी कलाकारों ने अलग-अलग विधाओं का प्रदर्शन किया।
 
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ras banaras - फोटो : अमर उजाला
गुरुवार की शाम को अस्सी घाट के मुक्ताकाशीय मंच पर राम की शक्ति पूजा के मंचन के दौरान कलाकारों की बेहतरीन कलाकारी और भाव भंगिमाओं ने दर्शकों को बांध लिया। ढोल, मृदंग, मजीरे और नगाड़ों की उत्साह ध्वनि दर्शकों में मंचन के दौरान विभिन्न भावों का संचार कर रही थीं।
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ras banaras - फोटो : अमर उजाला
विजय के जयघोष के साथ ही सूर्यकांत त्रिपाठी निराला की कविता पर आधारित नाटक राम की शक्ति पूजा और चार दिवसीय रस बनारस के पारंपरिक लोक महोत्सव का समापन होता है।
 
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ras banaras - फोटो : अमर उजाला
विजय के जयघोष के साथ ही सूर्यकांत त्रिपाठी निराला की कविता पर आधारित नाटक राम की शक्ति पूजा और चार दिवसीय रस बनारस के पारंपरिक लोक महोत्सव का समापन होता है।
 
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