रिम-झिम बारिश के बीच महामना की बगिया बीएचयू में रविवार को जन्माष्टमी की रौनक नजर आई। छात्रावासों में कृष्ण की बाल लीला से लेकर, कृष्ण की रास लीला के मनमोहक दृश्य सजाए गए थे, जिसे देखने के लिए देर रात तक लोग आते रहे। आगे की स्लइड्स में देखें तस्वीरें...
विज्ञापन
2 of 7
varanasi
- फोटो : amar ujala
छात्र-छात्राओं ने पूरे उत्साह से नंदलाला का जन्मोत्सव मनाया। रुइया हॉस्टल में मदन मोहन मालवीय के रूप में बैठे छात्र के साथ ही कंस दरबार, कारागार में कृष्ण के जन्म के साथ ही राधा-कृष्ण के झूले की झांकी लोगों को अपनी ओर खींच रही थी।
विज्ञापन
3 of 7
varanasi
- फोटो : amar ujala
वहीं महिला महाविद्यालय में कृष्ण लीला, वृंदावन में कृष्ण की बांसुरी की धुन पर झूमती गोपियों की झांकी आकर्षण का केंद्र रहीं। उधर, एलबीएस हॉस्टल, ब्रोचा हॉस्टल में छात्रों ने एक से बढ़कर एक भजनों की प्रस्तुति से समां बांध दिया।
4 of 7
varanasi
- फोटो : amar ujala
छात्र अधिष्ठाता प्रोफेसर एमके सिंह, चीफ प्रॉक्टर प्रोफेसर रोयाना सिंह समेत अन्य अधिकारियों ने छात्रावासों में पहुंचकर सभी का उत्साह बढ़ाया। विश्वविद्यालय के शिक्षक, कर्मचारी परिवार के साथ झांकियों को देखने पहुंचे। जन्म के अवसर पर भक्तों में तरह-तरह के प्रसाद वितरित हुए।
विज्ञापन
5 of 7
varanasi
- फोटो : amar ujala
इसके अलावा भी काशी के अन्य मंदिरों में जन्माष्टमी की धूम रही। भादो की अष्टमी, रोहिणी नक्षत्र में रात 12 बजे काशी के घर और मंदिर घंटा-घड़ियाल से गूंज उठे। घरों में मंगल गीत और सोहर बजने लगे। अर्चकों ने महाआरती उतारी। मंदिरों में नंद के घर में जन्मे कान्हा के स्वरूप को निहारने के लिए भक्तों का रेला उमड़ पड़ा।
विज्ञापन
6 of 7
varanasi
- फोटो : amar ujala
झांकियों में सजे नंद के घर का नजारा देखकर श्रद्धालु निहाल हो उठे। कान्हा के जन्मोत्सव की खुशी में शिव की नगरी काशी नंदगांव में सजी-धजी नजर आई। करौंदा, अशोक की टहनियों, पत्तियों से नंदगांव की सजावट ने हर किसी का ध्यान खींचा। जन्मोत्सव के बाद जय कन्हैया लाल की हाथी घोड़ा पालकी... के गगनभेदी जयकारे गूंजते रहे।
श्री काशी विश्वनाथ मंदिर परिसर में लक्ष्मीनारायण के दरबार में कन्हाई जनम लिए। गुलाब, रजनीगंधा और बेला के फूलों के वंदनवारों से परिक्रमा पथ के सभी विग्रहों का शृंगार किया गया था। दर्शन के लिए श्रद्धालुओं का तांता लग गया। अन्नपूर्णा मंदिर, दुर्गा मंदिर समेत शहर के सभी मंदिरों में कान्हा के जन्मोत्सव की धूम रही।