जेएचवी मॉल से किसी तरह भाग कर बाहर आए लोग शुक्रवार की रात अनहोनी की आशंका से कांप उठे थे। मॉल में छाया धुआं और आग की विकराल लपटें देख लोग खुद को और अपने साथ के लोगों को ढांढस बंधाते नजर आ रहे थे। सभी की जुबान पर एक ही बात थी कि आग फैलने पाती तो न जाने कितने लोगों की जान जाती। आगे की स्लाइड्स में देखें तस्वीरें..
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- फोटो : अमर उजाला
लोग 1997 के दिल्ली के उपहार सिनेमा कांड के हादसे की चर्चाएं कर ऊपर वाले का शुक्रिया अदा करते नजर आए और घर पर मौजूद परिवार के अन्य सदस्यों को खुद की सलामती के बारे में फोन कर जानकारी देते देखे गए। वहीं, मॉल की दुकानों के मालिकों और स्टाफ का कहना था कि संयोग अच्छा था कि आग फैली नहीं अन्यथा करोड़ों का नुकसान होता।
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- फोटो : अमर उजाला
दिवाली के बाद शुक्रवार को छुट्टी होने के कारण लोग मौज-मस्ती के उद्देश्य से जेएचवी मॉल गए थे। शहर के अन्य मॉल की अपेक्षा आकार में बड़े इस मॉल में आमतौर पर रोजाना भी ज्यादा संख्या में लोग मौजूद रहते हैं। इसके साथ ही मॉल के बगल में स्थित पार्क में मौजूद लोग भी शाम के समय उधर का ही रुख कर लिए थे।
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- फोटो : अमर उजाला
इस तरह मॉल के मल्टीप्लेक्स में सिनेमा देखने वालों, खरीदारी करने वालों और रेस्टोरेंटों में मौजूद लोगों की संख्या 1500 से ज्यादा थी। जानकारों का कहना था कि वातानुकूलित मॉल में लगे इलेक्ट्रिक और इलेक्ट्रानिक उपकरण लपटों की जद में आ गए होते तो आग पर काबू पाना बेहद मुश्किल हो जाता। साथ ही, न जाने कितनी जिंदगियां खतरे में पड़ गई होतीं।
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- फोटो : अमर उजाला
जेएचवी मॉल के मल्टीप्लेक्स में सिनेमा देख रहे लोगों को जब आग लगने की जानकारी हुई तो सभी बाहर भागे। तीसरे मंजिल से नीचे उतरने का एक ही रास्ता सीढ़ी थी। बिजली गुल होने के कारण लिफ्ट और एस्क्लेटर भी बंद हो गया था।
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- फोटो : अमर उजाला
किसी तरह से बच कर बाहर आए चेतगंज क्षेत्र के निशांत उपाध्याय ने बताया कि चौतरफा धुआं देख वो इतना घबरा गए थे कि उन्हें लगा कि वो सीधे नीचे कूद जाएं। धुआं के कारण सभी को सांस लेने में तकलीफ हो रही थी। उन्होंने सीधे नीचे कूदने के लिए अपनी पत्नी रीता को भी तैयार कर लिया था।
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- फोटो : अमर उजाला
पत्नी से उन्होंने कहा कि वो नीचे कूद रहे हैं और वो बच्चे को नीचे फेंक दे तो वो पकड़ लेंगे। हालांकि किसी तरह से वो बाहर निकलने में कामयाब रहे। कुछ ऐसे ही हालात नरिया के अमरेंद्र शंकर उपाध्याय, पांडेयपुर के प्रद्युमभन प्रताप सिंह, अर्दली बाजार के शीशू सिंह और उनके दोस्त राजेश पांडेय ने भी बयान किए।
सभी का कहना था कि हम बाल-बाल बच गए। उधर, पार्किंग से वाहन सकुशल निकालने की भी लोगों के बीच जल्दबाजी दिखी। किसी तरह से धुआं के बीच लोग अपने वाहन बाहर लेकर भागे।