आजमगढ़ के किशुनदासपुर गांव में हत्यारोपी की गिरफ्तारी की मांग के लिए सड़क पर धरना दे रहे ग्रामीणों पर पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया। सड़क जाम को खुलवाने पहुंची पुलिस ने मानवता की सारी हदें पार करते हुए न केवल पुरुषों को दौड़ाकर पीटा, बल्कि महिलाओं को भी नहीं छोड़ा। बर्बरता करने वालों में अधिकारी भी आगे रहे और सिपाही के साथ लाठी भांजते रहे। आगे की स्लाइड्स में देखें तस्वीरें..
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- फोटो : अमर उजाला
इससे उग्र होकर ग्रामीणों ने पथराव शुरू कर दिया। हालात बेकाबू होने लगे। मौके पर भगदड़ मच गई। दो इंस्पेक्टर और दो सिपाही का सिर पत्थरबाजी में फट गया। कुछ ग्रामीण भी घायल हुए। पुलिस ने हालात पर काबू पाने के लिए हवाई फायर किया, आंसू गैस के गोले भी छोड़े। मौके पर कई अन्य थानों की फोर्स पहुंची। पुलिस और ग्रामीणों में जंग जैसी स्थिति पैदा हो गई।
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पुलिस ने पथराव कर लोगों को खदेड़ना शुरू किया। इस दौरान महिलाएं और युवक जो मिले सबकी पिटाई की गई। पुलिस का रौद्र रूप देख लोग भागने लगे। कोई घर में घुसा तो कोई दुकान में। पुलिस ने दुकान में घुस कर लोगों को पिटा।गांव के एक परिवार को न्याय दिलाने के लिए इकट्ठा हुए यह सभी लोग शायद सपने में भी नहीं सोचे होंगे कि उनकी सुरक्षा की कसमें खाने वाले पुलिस के यह जाबांज कभी उन लोगों पर इतनी बर्बरता दिखाएंगे।
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बता दें कि 18 अगस्त को कंधरापुर थाना क्षेत्र के किशुनदासपुर गांव निवासी छोटई की मौत खलीफतपुर गांव निवासी गोवर्धन मौर्य के घर की बिजली की मरम्मत करते समय हो गई। छोटई के परिवार वालों ने गोवर्धन के विरुद्ध कप्तानगंज थाने में लापरवाही का आरोप लगाते हुए रिपोर्ट दर्ज कराई थी। आरोप था कि यदि गोवर्धन आदि उसके भाई को समय पर अस्पताल ले गए होते तो उसकी जान बच सकती थी।
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केस दर्ज होने के बाद भी कप्तानगंज थाने की पुलिस ने गोवर्धन को गिरफ्तार नहीं किया। बुधवार को किसुनदासपुर के ग्रामीणों के साथ परिजनों ने आरोपी गोवर्धन के गिरफ्तारी की मांग को लेकर कंधरापुर थाने के भवरनाथ चौराहे पर जाम लगा दिया। सड़क पर ट्रैक्टर-ट्राली खड़ी कर महिला-पुरुष सड़क पर खड़े हो गए। आजमगढ़-गोरखपुर, फैजाबाद और वाराणसी मार्ग अवरुद्ध हो गया।
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भंवरनाथ चौक पर जाम लगने से दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतारें लग गई। इसमें कई स्कूली बसें और एबुलेंस भी फंस गई। साढ़े दस बजे लगे जाम खुलवाने के लिए सीओ नगर, सीओ सदर, शहर कोतवाल और कंधरापुर थाने की पुलिस पहुंच गई। पुलिस चाहती थी कि जाम से एबुलेंस और स्कूली वाहन निकाल दिए जाएं, लेकिन ग्रामीण किसी भी वाहन को नहीं निकलने की जिद पर अड़े हुए थे।
इन्हें निकालने के लिए पुलिस ने हल्का बल प्रयोग किया तो ग्रामीण बिदक गए। दूसरी तरफ से पथराव कर दिया। माहौल बिगड़ता देख पुलिस ने भी आपा खो दिया और लाठीचार्ज कर दिया। चोट लगने से कई महिला और पुरुष घायल हो गए। मौके पर भगदड़ मच गई। चोट लगने से दो इंस्पेक्टर सहित दो सिपाही घायल हो गए। पुलिस हालात पर काबू पाने के लिए आंसू गैस के गोले और हवा में फायरिंग की। इसके बाद ग्रामीण भागने लगे। पुलिस ने दौड़ाकर लोगों को पीटा और एक दर्जन से अधिक महिला और पुरुष को हिरासत में लेकर कंधरापुर थाने में बैठा दिया। सीओ नगर सच्चिदानंद का कहना है कि इनके विरुद्ध केस दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।