Varanasi News: सावन के पहले दिन काशी विश्वनाथ दरबार में 19 घंटे में दो लाख से ज्यादा श्रद्धालु पहुंचे। वहीं शहर से लेकर गांव तक के सभी शिव मंदिरों व शिवालयों में भक्तों की भीड़ रही।
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काशी विश्वनाथ धाम में दर्शन के लिए कतारबद्ध श्रद्धालु
- फोटो : अमर उजाला
सावन के पहले दिन करीब 19 घंटे में दो लाख से ज्यादा श्रद्धालुओं ने श्री काशी विश्वनाथ के दर्शन किए। कैंट स्टेशन से लेकर बाबा विश्वनाथ के आंगन तक हर-हर महादेव... का जयघोष होता रहा। कांवड़िये जयकारा लगाते हुए ट्रेनों से उतरे और दौड़ लगाकर बाबा विश्वनाथ के धाम तक पहुंचे। भक्तों की कतार सभी सातों द्वारों के बाहर लगी थी। नेमी भक्तों के साथ ही पर्यटकों ने भी बाबा के सातों द्वारों से मंदिर में प्रवेश कर झांकी दर्शन किए। बाबा विश्वनाथ की मंगला आरती के बाद घाटों से गंगाजल भरकर लोग बाबा का जलाभिषेक करने के लिए कतारबद्ध हो चुके थे। सावन मास की शुरुआत कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा तिथि, श्रवण नक्षत्र और आयुष्मान योग में हुई।
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काशी विश्वनाथ धाम में दर्शन के लिए कतारबद्ध श्रद्धालु
- फोटो : अमर उजाला
श्रद्धालुओं ने भगवान शिव की पूजा के लिए सुबह 5:41 बजे से 7:23 बजे तक और शाम 7:14 बजे से रात 9:51 बजे तक शुभ चौघड़िया में विशेषकर पूजा की।करीब 25-30 मिनट के इंतजार के बाद भक्तों को झांकी दर्शन मिला। सात द्वारों पर प्रशिक्षित कार्मिकों की तैनाती की गई थी।
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काशी विश्वनाथ धाम में दर्शन के लिए आ रहे श्रद्धालुओं की मदद करते मेडिकल स्टाफ
- फोटो : अमर उजाला
एंबुलेंस, प्राथमिक उपचार, डॉक्टर और पैरामेडिकल स्टाफ भी हर जगह माैजूद रहे। इसके अलावा कई स्थानों पर शुद्ध पेयजल, ग्लूकोज, ओआरएस, विश्राम और अन्य मूलभूत सुविधाओं की समुचित व्यवस्था की गई थी। इससे श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। इस बीच आने-जाने वाले भक्तों की निगरानी की गई।
लापता हुईं राजस्थानी महिला को परिवार से मिलवाया
सावन के पहले दिन भक्तों का आंकड़ा मंदिर प्रशासन की ओर से जारी नहीं किया गया। वहीं, तमाम रोक के बावजूद कई लोगों ने वीआईपी दर्शन किए। इस बीच राजस्थान के झुंझुनू जिले की दर्शनार्थी संजना गोयल अपने सहयोगियों से बिछड़ गईं। सुरक्षाकर्मियों के संज्ञान में आते ही कार्रवाई की गई। श्रद्धालु महिला के बेटे से मोबाइल के माध्यम से संपर्क कर मिलवाया गया। मंदिर में श्रद्धालुओं की मदद के लिए हेल्पडेस्क, सूचना केंद्र, खोया-पाया केंद्र और कई जरूरी व्यवस्थाएं सक्रिय रखी गई हैं।
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मार्कंडेय महादेव मंदिर में जलाभिषेक करते श्रद्धालु
- फोटो : अमर उजाला
मार्कंडेय महादेव में पूर्वांचल भर से पहुंचे शिवभक्त
कैथी स्थित मार्कंडेय महादेव मंदिर में पूर्वांचल के विभिन्न जनपदों से श्रद्धालुओं ने जलाभिषेक कर पूजन किया। शिवभक्त गंगा गोमती के संगम तट पर स्नान कर बाबा का जलाभिषेक करते रहे। गोस्वामी समाज के लोगों ने बताया कि सावन मास में भीड़ को नियंत्रित करने के लिए जिला प्रशासन ने तैयारी की है। सावन में चार सोमवार, त्रयोदशी, रविवार, शिवरात्रि पर जलाभिषेक जलधारी विधि से होगा। मंदिर के मुख्य द्वार पर जलधारी लगाकर कतारबद्ध होकर श्रद्धालु जलाभिषेक करेंगे। सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं।
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दर्शन के लिए भक्तों की लगी कतार
- फोटो : अमर उजाला
शूलटंकेश्वर महादेव मंदिर माधोपुर में सुबह से भीड़ रही। क्षेत्र के प्राचीन शिवधाम मंदिर दरेखू, बाणासुर मंदिर नरउर, बुढ़ऊ महादेव मंदिर मोहनसराय में भी श्रद्धालुओं ने दर्शन-पूजन कर बाबा को जल चढ़ाया। पंचक्रोशी परिक्रमा के तीसरे तीसरे पड़ाव तीर्थ धाम रामेश्वर में भी सुबह श्रद्धालुओं ने जलाभिषेक कर दर्शन-पूजन किया। मंदिर के महंत अन्नू त्रिपाठी ने बताया कि सावन का पहला दिन होने से श्रद्धालुओं की भीड़ ज्यादा रही।
सावन मास में 24 घंटे अन्नपूर्णा सेवा शुरू
योगी अखाड़ा परिवार की ओर से अस्सी घाट मार्ग स्थित परिसर में सावन भर अन्नपूर्णा सेवा का महाप्रसाद शिवभक्तों को मिलेगा। भंडारे का शुभारंभ योगी अखाड़ा परिवार के राष्ट्रीय अध्यक्ष स्वामी राधेश्याम के सान्निध्य में वैदिक मंत्रोच्चार के साथ हुआ। स्वामी राधेश्याम ने कहा कि सावन में बाहर से शिवभक्त काशी आते हैं। उनके लिए 24 घंटे यहां प्रसाद की व्यवस्था रहेगी।