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तस्वीरों में देखिए: सावन के सोमवार पर केसरिया हुई काशी, हर तरफ गूंजे हर-हर महादेव के जयकारे

Mon, 18 Jul 2022 07:48 PM IST
उत्पल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
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सावन के पहले सोमवार पर केसरिया हुई काशी - फोटो : अमर उजाला
सावन के पहले सोमवार के दिन द्वादश ज्योतिर्लिंगों में प्रमुख स्थान रखने वाले बाबा विश्वनाथ की नगरी काशी में शिव भक्तों का सैलाब उमड़ा। पूरी काशी में चारों तरफ सिर्फ बोल-बम, बोल-बम और हर-हर महादेव का उद्घोष होता रहा। गंगा घाट से लेकर काशी विश्वनाथ धाम और गोदौलिया-मैदागिन के पार तक का इलाका कांवड़ियों के भाव से केसरिया नजर आया। कड़ी धूप में भी भक्तों का उत्साह कम नहीं रहा।

काशी विश्वनाथ धाम में मंगला आरती से शुरू हुआ दर्शन पूजन व जलाभिषेक का सिलसिला अनवरत जारी है। शाम पांच बजे तक साढ़े तीन लाख से अधिक शिवभक्तों ने विश्वनाथ दरबार में मत्था टेका। बाबा का जलाभिषेक गर्भगृह के बाहर लगे अरघे से ही किया जा रहा है। यह पहला मौका है जब काशी विश्वनाथ धाम बनने के बाद सावन का सोमवार पड़ा। काशी विश्वनाथ के जलाभिषेक की लालसा में देश के विभिन्न राज्यों से आए श्रद्धालुओं का भारी रेला मंदिर की ओर जाने वाली हर सड़क पर उमड़ता दिखाई दिया।
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सावन के पहले सोमवार पर केसरिया हुई काशी - फोटो : अमर उजाला
रविवार शाम से ही बाबा के दर्शन करने के लिए कतारें लगना शुरू हो गई थी। सभी शिवभक्त मंगला आरती की प्रतीक्षा कर रहे थे, जिससे उनके लिए काशी विश्वनाथ मंदिर के कपाट खुलें और जिलाभिषेक कर दर्शन करें। काशी विश्वनाथ मंदिर के अलावा सभी शिवालयों में शिव भक्तों की दिनभर भीड़ रही। 
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सावन के पहले सोमवार पर केसरिया हुई काशी - फोटो : अमर उजाला
बीते दो वर्ष कोरोना के कारण काशी सावन के महीने में तमाम बंदिशें लगाई गई थीं, जिसकी वजह से शिव भक्तों की संख्या काफी कम थी। लेकिन इस बार बंदिशें न होने के कारण जमकर शिव भक्तों की भीड़ उमड़ी।  काशी विश्वनाथ मंदिर का नजारा बिल्कुल बदला हुआ दिखा। स्थानीय लोगों की जगह देश के विभिन्न हिस्सों से आए शिवभक्तों का हुजूम दिखाई पड़ा। 

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सावन के पहले सोमवार पर केसरिया हुई काशी - फोटो : अमर उजाला
नवनिर्मित धाम की दिव्यता में भव्यता की अनुभूति करने की जिज्ञासा से ज्यादातर लोग ललिता घाट की ओर से बाबा विश्वनाथ के दरबार पहुंचे। वहीं गेट नंबर एक समेत अन्य प्रवेश द्वारों पर भी लंबी कतार देखी गई। बोल-बम के उद्घोष के बीच सावन के पहले दिन लाखों की संख्या में भक्तों ने बाबा दरबार में मत्था टेका। 
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सावन के पहले सोमवार पर केसरिया हुई काशी - फोटो : अमर उजाला
इस बार यह पहला मौका है जब विश्वनाथ धाम के भव्य स्वरूप के साथ ही भक्तों को सड़क मार्ग के अलावा गंगा द्वार से भी प्रवेश दिया जा रहा है। बड़े ही सहज तरीके से कम समय में दर्शन पाकर दूर-दराज से आए भक्तगण निहाल हो गए। 
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सावन के पहले सोमवार पर केसरिया हुई काशी - फोटो : अमर उजाला
बीते 13 दिसंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने श्री काशी विश्वनाथ धाम का उद्घाटन किया था और उसके बाद यह पहला सावन है जब देश भर से कांवड़िए बाबा के धाम जलाभिषेक के लिए आ रहे हैं। श्रद्धालुओं के लिए कराई गई बैरिकेडिंग में रेड कार्पेट बिछाया गया है।
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काशी विश्वनाथ धाम जाते यादव बंधु - फोटो : अमर उजाला
कांवड़ यात्रा भी दो साल बाद शुरू हुई है, जिसकी वजह से बड़ी संख्या में अपनी मनोकामना पूर्ण होने के बाद इंतजार कर रहे कांवड़ियां बाबा विश्वनाथ के दर्शन के लिए काशी पहुंच रहे हैं। 

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काशी विश्वनाथ धाम में पुलिस आयुक्त - फोटो : अमर उजाला
काशी विश्वनाथ धाम में सुरक्षा और व्यवस्था में लगी पुलिस सेवादार के रूप में नजर आई। बाबा धाम के भीतर दिव्यांग श्रद्धालुओं को पुलिस गोद में उठाकर बाबा के गर्भ गृह के पास पहुंची और जलाभिषेक कराया तो बाहर पुलिस आयुक्त ए. सतीश गणेश श्रद्धालुओं से बातचीत कर उनका हाल जानते रहे।

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काशी विश्वनाथ धाम, ललिता घाट पर लगी कतार - फोटो : अमर उजाला
काशी विश्वनाथ धाम के अलावा कैथी मार्केंडय मंदिर, सारनाथ स्थित सारंगदेव महादेव, गौरी केदारेश्वर, महामृत्युंजय, जागेश्वर महादेव, शूलटंकेश्वर, तिल भांडेश्वर, बैजनत्था मंदिर, रामकुंड स्थित रामेश्वर महादेव समेत अन्य शिवालयों में भक्तों का सैलाब उमड़ा ।
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बाबा विश्वनाथ के जलाभिषेक के लिए उमड़े यादव बंधु - फोटो : अमर उजाला
सावन में कांवड़ियों के भारी संख्या में आने के मद्देनजर सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। भोले की इस नगरी में पूरे सावन भक्तों का जमावड़ा रहता है। मान्यता है कि 12 ज्योतिर्लोंगों में अहम स्थान रखने वाले बाबा विश्वनाथ को यदि सावन के पहले सोमवार जल चढ़ाया जाए तो मनुष्य को मोक्ष की प्राप्ति होती है।
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