सामाजिक संस्था आगमन की ओर से बेटी बचाओ अभियान के तहत आयोजित कार्यक्रम में बेटियों ने बढ़चढ़कर भागीदारी की। महेशपुर स्थित सिल्वर ग्रोव स्कूल में एक सेल्फी बेटियों के लिए कार्यक्रम में छात्राओं ने सेल्फी ली। इस दौरान काशी को कन्या भ्रूण हत्या मुक्त बनाने का संकल्प लिया गया। केंद्र की मोदी सरकार व राज्य की अखिलेश सरकार की ओर से बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ योजना पर बेहद जोर दिए जाने के बावजूद उत्तर प्रदेश में लिंगानुपात बढ़ने का नाम नहीं ले रहा। स्वास्थ्य विभाग की सूची में प्रदेश के 37 जिले चिंताजनक लिंगानुपात के चलते रेड लिस्ट में शामिल किए गए हैं। राज्य स्वास्थ्य विभाग की सूची के अनुसार लिंगानुपात के लिहाज से मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में गत चार वर्षो में काफी सुधार हुआ है। यहां वर्ष 2012 में प्रति हजार लड़कों पर मात्र 848 लड़कियां थीं। जबकि वर्ष 2016 में यह संख्या 913 है।
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बेटी बचाओ अभियानः एक सेल्फी बेटी के नाम
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कन्या भ्रूण हत्या मुक्त काशी का संकल्प
- फोटो : अमर उजाला
बेटी है तो कल है, बेटी ही वृद्धि है, धन और समृद्धि है। भ्रूण हत्या पाप है, समाज का अभिसाप है। आओ मिलकर हाथ बढ़ाये, बेटी बचाओ, अभियान चलाये। समाज में बेटी को सम्मान दिलाये। जो नापना है बेटियों की उड़ानों को, तो ऊंचा कर लो आसमानों को जैसे नारों के साथ सामाजिक संस्था आगमन ने एक सेल्फी बेटी के नाम कार्यक्रम आयोजित किया।
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चेहरे पर सेव गर्ल, बेटी को जीने का अधिकार दो आदि स्लोगन लिखवाया
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बेटी बचाओ अभियानः एक सेल्फी बेटी के नाम
- फोटो : अमर उजाला
कार्यक्रम में कई छात्राओं ने अपने चेहरे पर सेव गर्ल, बेटी को जीने का अधिकार दो आदि स्लोगन लिखवा रखा था। विद्यालय की निदेशिका रचना श्रीवास्तव, मोहित श्रीवास्तव ने संस्था के इस प्रयास की सराहना करते हुए लोगों से भी इस अभियान में आगे आने का आह्वान किया। कार्यक्रम में अभिषेक जायसवाल, रंजना, सुप्रिया, लक्ष्मी, पूनम, सरोज, वीपी सिंह, अरुण ओझा आदि लोग मौजूद रहे।
पूरे समाज को लड़कियों के प्रति अपना नजरिया बदलने की जरूरत
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पूरे समाज को लड़कियों के प्रति अपना नजरिया बदलने की जरूरत है
- फोटो : अमर उजाला
बालिका भ्रूण हत्या रोकने के लिए आज पूरे समाज को लड़कियों के प्रति अपना नजरिया बदलने की जरूरत है। समाज के हर तबके में यह समस्या व्याप्त है। भले ही पूर्वोत्तर के क्षेत्र और आदिवासी इलाकों में लिंगानुपात बेहतर है, देश के कई हिस्सों में बालिका भ्रूण हत्या के मामले बहुत ज्यादा हैं।
प्रदेश के 37 जिले चिंताजनक लिंगानुपात के चलते रेड लिस्ट में शामिल
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बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ योजना पर जोर देने की जरूरत
- फोटो : अमर उजाला
केंद्र की मोदी सरकार व राज्य की अखिलेश सरकार की ओर से बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ योजना पर बेहद जोर दिए जाने के बावजूद उत्तर प्रदेश में लिंगानुपात बढ़ने का नाम नहीं ले रहा। स्वास्थ्य विभाग की सूची में प्रदेश के 37 जिले चिंताजनक लिंगानुपात के चलते रेड लिस्ट में शामिल किए गए हैं। राज्य स्वास्थ्य विभाग की सूची के अनुसार लिंगानुपात के लिहाज से मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में गत चार वर्षो में काफी सुधार हुआ है। यहां वर्ष 2012 में प्रति हजार लड़कों पर मात्र 848 लड़कियां थीं। जबकि वर्ष 2016 में यह संख्या 913 है।