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सीर गोवर्धन की सड़कों पर उमड़ा आस्था का रेला, जात-पात का भेद मिटा झूमकर निकले रैदासी

Wed, 31 Jan 2018 11:58 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
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संत रविदास जयंती - फोटो : अमर उजाला
बनारस में गुरु रविदास के दरबार में हाजिरी लगाने के लिए मंगलवार को सीर गोवर्धन में अनुयायियों का रेला झूमकर निकला। भजन-कीर्तन करतीं संगतें निकलीं तो सीर की सड़कों पर जात-पात के भेद मिट गए। आस्था का महासागर हिलारें मारने लगा। रंगबिरंगी लतरों और दीपों से जगमग गुरु रविदास की जन्मस्थली पर पूजन-अर्चन के बाद अनुयायी लंका स्थित रविदास पार्क पहुंचे। आगे की स्लाइड्स में देखें तस्वीरें...
 
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संत रविदास जयंती - फोटो : अमर उजाला

पार्क से लेकर रविदास घाट की सीढ़ियों तक दीपदान किया। कतारबद्ध दीपों की लड़ियां जगमग हुईं तो रविदास पार्क रोशनी से नहा उठा। संत के संदेशों के प्रतीक रूप में यहां दीप जलाने के लिए हजारों रैदासी पहुंचे। लंका से लेकर रविदास पार्क तक सड़क रैदासियों से पटी थी। दीपदान के बाद संगत वापस सीर लौट गई। गुरु रविदास जयंती समारोह का मुख्य आयोजन माघी पूर्णिमा पर बुधवार यानी 31 जनवरी को होगा। संत रविदास के दरबार में हाजिरी लगाने के लिए उमड़े सैलाब ने सीर गोवर्धन गांव में कुंभ का रूप ले लिया है। 

 
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संत रविदास जयंती - फोटो : अमर उजाला
मंगलवार को कहीं अटूट लंगर की पांत लगी रही तो कहीं भजनों की टोलियों के झांझ, मजीरे बजते रहे। लाल, नीली, पीली  पगड़ी में पंजाब भी था और अपनी पारंपरिक वेशभूषा में राजस्थानी झलक भी। पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश से लेकर कर्नाटक, महाराष्ट्र, जम्मू, हरियाणा, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश और बिहार की संस्कृतियों का मिलन शिविरों में एक साथ हो रहा था। सड़कों की पटरियों पर खिलौने भी सजाए गए और खेतों में झूले, चर्खियों पर बच्चों, युवाओं की मस्ती भी देखते बन रही थी। 

 

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संत रविदास जयंती - फोटो : अमर उजाला
डेरा सच्चखंड बल्लां, जालंधर के गद्दीनशीन संत निरजंन दास ने पूरे मेला क्षेत्र का निरीक्षण करके तैयारियों का जायजा लिया। इस दौरान दोनों तरफ श्रद्धालु उनके दर्शन के लिए कतारबद्ध खड़े थे। संत की जन्मस्थली पर लघु भारत जैसा नजारा दिखा। यहां उत्तर से लेकर दक्षिण, पूरब, पश्चिम के साथ अमेरिका, जर्मनी, कनाडा, स्विट्जरलैंड, दुबई, आस्ट्रेलिया समेत कई देशों से एनआरआई श्रद्धालु आए हैं। 

 
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संत रविदास जयंती - फोटो : अमर उजाला
अलग-अलग राज्यों के टेंट लगाए गए हैं, जहां श्रद्धालुओं को ठहराया गया है। सुविधा और सुरक्षा के लिए सेवादारों की तैनाती की गई है। श्रद्धालुओं की स्वास्थ्य जांच आदि के लिए भी शिविर लगाए गए हैं। सीर गोवर्धन स्थित संत रविदास की जन्मस्थली की निगहबानी ड्रोन कैमरे से हो रही है। पूरा मेलाक्षेत्र जय रविदास, जय गुरुदेव के जयकारे से गूंजता रहा। 

 
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संत रविदास जयंती - फोटो : अमर उजाला
संत रविदास की जन्मस्थली सीर गोवर्धन में भक्तों के आने का सिलसिला मंगलवार की देर रात तक जारी रहा। लोगों का हुजूम रात तक पहुंचता रहा। पूरा सीर गोवर्धनपुर इस समय संत रविदास की धुन में रम गया है। जन्मस्थली पर जिधर भी नजर पहुंच रही है, संत रविदास की तस्वीरें, पोस्टर, बैनर व कानों में गुरु रविदास के ही भजन सुनाई दे रहे हैं। भक्त भी चलते-चलते रास्ते में गुरु के भजन गुनगुनाते नजर आ रहे हैं। 
 
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संत रविदास जयंती - फोटो : अमर उजाला

देश-विदेश से अब तक आए सेवादार व भक्तों का जत्था सुबह-शाम संत रविदास मंदिर में मत्था टेकने के साथ ही सेवादारों के साथ काम में हाथ बंटा रहा है। सेवादार भी हर आने वाले गुरुभाइयों को दर्शन कराने के साथ उनकी आवभगत में जुटे हैं। इतना ही नहीं मंदिर की सुरक्षा की कमान भी सेवादारों ने स्वयं संभाल ली है। मंदिर में प्रवेश से पहले सभी भक्तों की तलाशी मेटल डिटेक्टर से की जा रही है। इसके बाद ही प्रवेश दिया जा रहा है। 

 

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संत रविदास जयंती - फोटो : अमर उजाला
सीरगोवर्धनपुर गांव में बने रिहायशी पंडालों की सुरक्षा का भी भरपूर ध्यान दिया गया है। हर टेंट में आग से सुरक्षा की दृष्टि से कनस्तर (टिन) में बालू भरकर रखे गए हैं। आग बुझाने के उपकरण व टेंट के पास फायर ब्रिगेड वाहनों का भी इंतजाम किया गया है। मोबाइल चार्ज करने के लिए कई स्थानों पर प्वाइंट बनाए गए हैं। 

 

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संत रविदास जयंती - फोटो : अमर उजाला
हजारों की संख्या में महिला श्रद्धालु लंगर में सहयोग के साथ ही पंडालों में सुबह-शाम भजन- कीर्तन करने में तल्लीन हैं। कनाडा से आए गायक नरेंद्र खेड़ा ने बताया कि वह गुरु की शिक्षाओं को आगे बढ़ाने के मिशन पर काम कर रहे हैं। वह केवल गुरु और बाबा भीमराव पर आधारित गाने ही गाते हैं। इसके साथ ही वह नए गायकों की फौज भी तैयार कर रहे हैं। उनकी म्यूजिक कंपनी किंगस्टार कनाडा के माध्यम से नए गीतकारों को मंच भी प्रदान करते हैं। इस बार उन्होंने 26 गाने लिखे हैं जिसे 19 नए गायकों ने गाया है। 

 
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संत रविदास जयंती - फोटो : अमर उजाला
संत निरंजन दास के लिये बन रहे सत्संग मंच को 25 प्रकार के फूलों से सजाया जाएगा। जिसमें गुलाब, बेला, चमेली, गेंदा, कचनार सहित सुंगंधित फूलों से स्टेज सजाया जायेगा। स्टेज को सजाने संवारने के लिए पंजाब से रेलवे रिटायर्ड अधिकारी सुरेंद्र कुमार 300 मजदूरों के साथ आए हैं। रविदास मंदिर में दर्शन पूजन के बाद बाहर आकर मंदिर के द्वार और इमली के पेड़ के साथ सेल्फी लेने के लिए युवाओं में होड़ मची रही।
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