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रविकिशन के बीजेपी में शामिल होने के क्या हैं मायने?

Mon, 20 Feb 2017 09:17 AM IST
टीम डिजिटल, अमर उजाला, वाराणसी
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ravi kishan manoj tiwari - फोटो : अमर उजाला
वर्ष 2014 में कांग्रेस के टिकट पर जौनपुर से लोकसभा चुनाव लड़ने वाले भोजपुरी फिल्मों के सुपरस्टार रविकिशन आज भाजपाई हो गए। आगे की स्लाइड में जानें पूर्वांचल में इसका क्या होगा असर-
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ravi kishan - फोटो : अमर उजाला
रविकिशन ने तनु वेड्स मनु, बुलेट राजा, जिला गाजियाबाद जैसी दर्जनों बालीवुड फिल्मों में भी अपने दमदार अभिनय से दर्शकों पर अपनी अलग छाप छोड़ी है।
भोजपुरिया सुपरस्टार रविकिशन के रुप में भाजपा को पूर्वांचल में एक बड़ा चेहरा मिला है। ताजा घटनाक्रम में रविकिशन ने आज कांग्रेस का दामन छोड़ भाजपा में शामिल होने का ऐलान कर दिया है। बताया जाता है कि रविकिशन को भाजपा में लाने में मनोज तिवारी की बड़ी भूमिका है।
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ravi kishan - फोटो : अमर उजाला
आने वाले समय में रविकिशन पूर्वांचल समेत पूरे भोजपुरिया बेल्ट में भाजपा के लिए वोट मांगते नजर आ सकते हैं। रविकिशन को शामिल कर बीजेपी ने पूर्वांचल में कांग्रेस को तगड़ा झटका दिया है । मालूम हो कि वर्ष 2014 के लोकसभा चुनाव में रविकिशन कांग्रेस के टिकट पर जौनपुर सीट से मैदान में थे।

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ravi kishan - फोटो : अमर उजाला
हालांकि मोदी लहर के चलते उन्हें कामयाबी नहीं मिली। एक दौर था जब मनोज तिवारी और रविकिशन की अदावत सुर्खियों में थी, अब जल्द ही दोनों सुपरस्टार एक मंच पर भाजपा के लिए वोट मांगते नजर आएंगे। भोजपुरिया बेल्ट में रविकिशन की खास पहचान है। खासकर युवाओं में उनकी अच्छी पैठ है।
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ravi kishan manoj tiwari - फोटो : अमर उजाला
आने वाले चुनाव में बीजेपी इसका फायदा उठाएगी। रविकिशन का पूरा नाम रविकिशन शुक्ला है। पूर्वांचल में कई सीटों पर ब्राह्मण मतदाता निर्णायक भूमिका में हैं। ऐसे में रविकिशन के आने से भाजपा को सियासी लाभ मिल सकता है। रविकिशन का जन्म तो मुंबई के सांताक्रूज इलाके में एक छोटी सी चाल में हुआ था लेकिन वे मूल रुप से जौनपुर के रहने वाले हैं।
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ravi kishan - फोटो : अमर उजाला
उनके पिता पंडित श्याम नारायण शुक्ला का मुंबई में पुरोहित थे और उनका डेयरी का छोटा सा बिजनेस ‌था। रविकिशन जब10 साल के थे तब उनके पिता का उनके चाचा के साथ विवाद हो गया और धंधा बंदकर दोनों को जौनपुर लौटना पड़ा। रविकिशन यहां करीब सात साल तक रहे लेकिन पढ़ाई में उनका मन नहीं लगता था।
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ravi kishan - फोटो : अमर उजाला
रविकिशन के परिवार को बेहद गरीबी में दिन गुजारने पड़ रहे थे। वे मिट्टी के बने घर में रहते थे। एक समय ऐसा आया जब रविकिशन या तो मरने या गुंडा बनने की सोचने लगे थे। तभी उन्होंने महानायक अमिताभ बच्चन का डायलॉग सुना...मैं फेंके हुए पैसे नहीं लेता। इस डायलॉग ने उनका जीवन बदल दिया ।

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ravi kishan - फोटो : अमर उजाला
पिता जी उन्हें जबरन डेयरी बिजनेस कराना चाहते थे लेकिन उनकी मां ने 500 रुपये दिए और रविकिशन जौनपुर से मुंबई चले गए। भोजपुरी फिल्मों जाने की सलाह भी उनकी मां ने ही दिया था। आज रविकिशन भोजपुरी फिल्मों के सुपरस्टार हैं।

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ravi kishan - फोटो : अमर उजाला
एक इंटरव्यू में रविकिशन ने कहा था कि बिहार और यूपी के लोग राजनीति को बहुत अच्छे से समझते हैं।  बिहार में रिक्‍शावाला भी प्रधानमंत्री की पत्नी का नाम जानता है। कहा, 'बोलते हैं कि यूपी और बिहार में मां के पेट में ही बच्चे पॉलिटिक्स समझ जाते हैं। 

 

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ravi kishan - फोटो : अमर उजाला
यूपी और बिहार के लोग सुबह हो या शाम अखबार पढ़ना पसंद करते हैं। कहा कि यहां के लोग बेहद सादगी पसंद होते हैं । उन्हें मेरा हर-हर महादेव कहना बेहद पसंद है।  रविकिशन के भाजपा के खेमे में जाने के साथ ही दो बड़े भोजपुरी फिल्म स्टार अब भाजपा के साथ हैं। 
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ravi kishan - फोटो : अमर उजाला
बीजेपी में शामिल होने के बाद रविकिशन ने कहा कि मैं एक ऐसी पार्टी में शामिल हुआ हूं जो गरीबों के बारे में सोचती है। उन्होंने कहा कि मेरा फोकस दूसरों की आलोचना नहीं बल्कि विकास होगा। 
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