हिंदू धर्म में मान्यता है कि विष्णु देव का वास आंवले के वृक्ष के नीचे होता है। इसलिए रंगभरी एकादशी के व्रत पर आंवले के पेड़ की पूजा पूर्व दिशा में मुंह करके करनी चाहिए। साथ ही आंवले के पेड़ के पूजा करते समय फूल, धूप, दीप, नैवेद्य अर्पित करना जरूरी है। पूजा के बाद पेड़ की आरती करके उसकी परिक्रमा लगानी चाहिए। अगर आप आंवले का फल दान करते है तो सौभाग्य में वृद्धि होगी।