राम नवमी पर बुधवार को मुस्लिम महिलाओं ने भगवान श्रीराम की आरती उतारकर सामाजिक समरसता की मिसाल पेश की। विशाल भारत संस्थान हूकुलगंज में रामनवमी पर ‘श्रीराम महाआरती’ कार्यक्रम में मुस्लिम महिला फाउंडेशन की नेशनल सदर नाजनीन अंसारी के नेतृत्व में महिलाओं ने श्रीराम आरती का पाठ किया।
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Muslim women performing Arati of ram
- फोटो : अमर उजाला
आरती की थाल और सजावटी दीपक महिलाओं ने खुद अपने हाथों से तैयार किया था। उन्होंने भगवान राम के जन्म के गीत गाए और एक दूसरे को मिठाई खिलाकर बधाई भी दी। इस मौके पर 300 गरीब परिवार में अनाज वितरण भी हुआ।
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कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पातालपुरी मठ के पीठाधीश्वर बाबा बालक दास ने कहा कि राम नाम की शक्ति से सभी को ऊर्जा मिलती है। सांप्रदायिक एकता के लिए जरूरी है कि सभी एक दूसरे के धर्म का आदर करें।
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बता दें कि वर्ष 2006 में संकट मोचन बम धमाके बाद उपजी नफरत को खत्म करने के लिए रामनवमी पर ये आरती की जाती है। महाआरती में भाग लेने वाली महिलाओं का कहना था कि जब तक संबंधों में भावना नहीं आएगी तब तक संबंधों में स्थिरता नहीं आएगी।
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नेशनल सदर नाजनीन अंसारी ने कहा कि हिंदुस्तान की पहचान श्रीराम से है। राम ही हर हिंदुस्तानी के पूर्वज हैं। उन्होंने स्वरचित उर्दू में श्रीराम आरती और श्रीराम प्रार्थना की। संस्थापक डॉ. राजीव श्रीवास्तव ने कहा कि मध्य एशिया के मुस्लिम देश भगवान श्रीराम के आदर्शों पर चलें तो हिंसा खत्म हो सकती है।