विश्वप्रसिद्ध रामनगर की रामलीला।
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गारी गीतों की हंसी-ठिठोली और संवाद ने लीला को मनोरंजक रंग प्रदान किया, वहीं मंगलध्वनियों से पूरा पंडाल भक्तिमय हो उठा। परंपरागत गीतों और रस्मों के साथ हुई इस प्रस्तुति ने दर्शकों को भावविभोर कर दिया और तालियों की गड़गड़ाहट से कलाकारों का उत्साह बढ़ा। रामायणी सुरेश व्यास, रजदेव यादव, घरभरन यादव, जसवंत सिंह, रघुनाथ यादव ने गारी गीतों पर सुर ताल जमकर सजाया।