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पूर्वांचल में लगातार बारिश से मौसम खुशगवार लेकिन कई जगह परेशानी भी, 6 मकान गिरे, महिला की मौत

Fri, 27 Jul 2018 02:11 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
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rain - फोटो : अमर उजाला
पूर्वांचल के जिलों में लगातार बारिश से किसानों की मुराद पूरी हो गई और मौसम भी खुशगवार हो गया, लेकिन निचले इलाकों में पानी लग गया।दिन भर हुई बारिश से  लोगों का काम भी प्रभावित हुआ। हालांकि इस बारिश से किसानों को काफी लाभ मिला है।  गुरुवार को बारिश से छह मकान ढह गए और इसमें एक महिला की मौत हो गई। आगे की स्लाइड्स में देखें तस्वीरें..

 
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varanasi - फोटो : अमर उजाला

वाराणसी में सुबह से शाम तक बारिश होती रही। गुरुवार को 24.8 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। अधिकतम तापमान 28 और न्यूनतम तापमान 25 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। जौनपुर के मुंगराबादशाहपुर के सरोखनपुर गांव में घर ढह जाने से मलबे में दबकर एक महिला की मौत हो गई। अन्य इलाकों में पांच कच्चे मकान गिर गए। मुंगराबादशाहपुर रोडवेज डिपो के जर्जर भवन का एक हिस्सा गिर गया। हालांकि कोई जख्मी नहीं हुआ। 
 
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rain shimla

बलिया, गाजीपुर, मऊ, सोनभद्र, भदोही, चंदौली, मऊ, आजमगढ़ में रुक-रुककर दिनभर बारिश होती रही। इससे निचले इलाकों में जलभराव हो गया। सड़कों पर फिसलन हो गई। जहां निकासी का उचित इंतजाम नहीं है, वहां पानी घरों में घुस गया। उधर, किसानों ने धान की रोपाई भी तेज कर दी। बीएचयू के मौसम विज्ञानी प्रो. राजीव भाटला का कहना है कि अगले दो दिनों तक मौसम इसी तरह का रहेगा। 


 

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varanasi - फोटो : अमर उजाला

बारिश के चलते ही वाराणसी  की अधिकतर सड़कें खराब हो गई हैं। इससे जगह जगह गड्ढे हो गए है। जिससे जगह-जगह जल जमाव हो गया है। इस जल जमाव का खामियाजा राहगीरों को भुगतना पड़ा। शहर के साकेत नगर, संकट मोचन, लंका, नरिया, कमच्छा, ककरमत्ता, मंडुवाडीह, रथयात्रा, सोनिया, महमूरगंज सहित कई इलाकों में सड़कें ज्यादा खराब हुई है। गुरुवार का अधिकतम तापमान 29.3 डिग्री सेल्सियस रहा, जबकि न्यूनतम तापमान 21.2 डिग्री रहा। जबकि आद्रता 97 प्रतिशत तक बढ़ गई थी।




 
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varanasi - फोटो : अमर उजाला
 बारिश से गंगा का जलस्तर बढ़ने लगा है। पहाड़ी इलाकों में हुई जबरदस्त बारिश से गंगा लगातार बढ़ रही हैं। पिछले 24 घंटे में गंगा करीब 15 सेमी बढ़ी हैं। पिछले 19 जुलाई को जहां गंगा का जलस्तर 58.33 मीटर था, वहीं एक सप्ताह बाद गुारुवार को गंगा का जल स्तर 60.83 मीटर है। जो करीब ढाई मीटर अधिक है। जल स्तर के बढ़ने से नाविकों में खुशी है। वहीं घाटों की सीढि़यों पर पानी के चढ़ने से छोटे-छोटे मंदिर डूब गए हैं। इससे मंदिरों में पूजा पाठ बंद हो गया है। छोटी नावों को नाविकों ने बांध दिया है। 

 
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varanasi - फोटो : अमर उजाला
बारिश के बाद सबसे अधिक परेशानी वरूणापार क्षेत्रों में है। क्षेत्र की गलियो में नई सीवर लाइन डालने के लिए एल एंड टी कम्पनी को ठेका दिया गया है लेकिन वह छोटे पेटी कॉट्रैक्टरों से काम करवा रहा है। वरूणापार के नईबस्ती, दौलतपुर, भक्तिनगर, संजय नगर, पांडेयपुर आदि क्षेत्रों में सीवर लाइन डालने का कार्य चल रहा है। कार्य इतना घटिया स्तर का किया जा रहा है कि बनने के बाद उसका चेम्बर ध्वस्त हो जा रहा है। इससे क्षेत्रीय इलाके के लोगों में नाराजगी है।

 
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 सड़कों को बनाने में अनियमित्ता उजागर हुई है। वरुणापार में चार दिन पहले बनी सड़क एक बरसात भी नहीं झेल पाई और करीब दो सौ मीटर सड़क पूरी तरह से चरामरा कर जर्जर हालात में पहुंच गई। सड़क पहले की स्थिति में आ गई है। टकटकपुर से अनौला तक बनी इस सड़क की कोई रूपरेखा ही नहीं है। जिससे बरसात होने की स्थिति में उसके कटाव को रोका जा सके। विश्वनाथपुरी कालोनी निवासी अभिनव सिंह ने बताया कि यह सड़क भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गई। इससेबनने के बाद ये सड़कें ही गायब हो गई हैं।
 
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