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Rain: 2012 व 2017 में अगस्त के 31 दिन से ज्यादा 2025 की एक रात में बारिश, वाराणसी में टूटा 38 साल का रिकॉर्ड

Sun, 24 Aug 2025 11:40 AM IST
अमन विश्वकर्मा अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।

सार

Varanasi Weather: वाराणसी में रविवार को तीसरे दिन भी बारिश का माहाैल रहा। भोर में भी तेज बारिश हुई। इस कारण सड़कों पर जलभराव हो गया था। ग्रामीण इलाकों में भी ज्यादा समस्या रही।
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वाराणसी में भारी बारिश के बाद नईसड़क पर जलभराव के बीच मस्ती के मूड में बैठे जनाब। - फोटो : अमर उजाला
बनारस में 2012 और 2017 में अगस्त के 31 दिनों से ज्यादा बारिश सिर्फ एक ही रात में हो गई। शुक्रवार की रात 161.8 मिमी और बीते 24 घंटे में 165.8 मिमी बारिश हुई। 2017 में 136.2 से 30 मिमी और 2012 में पूरे अगस्त महीने 145 पानी बरसा था। बनारस में पूरे अगस्त महीने की बारिश का औसत कोटा 282.9 मिमी है। जो एक दिन की बारिश से 120 मिमी ज्यादा है। 
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बीएचयू अस्पताल परिसर में आफत। - फोटो : अमर उजाला
ट्रॉमा सेंटर में भी दो फीट पानी लगा रहा।  उधर, शुक्रवार रात की बारिश ने अगस्त के 38 साल का रिकॉर्ड भी तोड़ दिया है। वहीं, 73 साल में अगस्त में दूसरी बार बनारस में इतनी बारिश हुई। बाबतपुर केंद्र के अनुसार, 38 साल पहले 1987 में 165 मिमी बारिश दर्ज की गई थी। इससे तापमान में भी कमी आई। अधिकतम तापमान 30.5 और न्यूनतम तापमान 23 डिग्री रिकॉर्ड किया गया।
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बीएचयू परिसर में जलभराव के बीच सफर। - फोटो : अमर उजाला
यूपी आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. अतुल कुमार सिंह ने बताया कि अगले दो से तीन दिनों तक बारिश की उम्मीद बनी हुई है। मॉनसून द्रोणी सामान्य स्थिति उत्तर ओर खिसककर प्रदेश से होकर गुजर रही है। बंगाल की खाड़ी और अरब सागर से आ रही नम हवाओं के मिलन से मानसून की सक्रियता 25 अगस्त तक ऐसी ही बनी रहेगी।

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बीएचयू के सिंह द्वारा पर जलभराव। - फोटो : अमर उजाला
बारिश से क्षतिग्रस्त हो गई सड़क
बारिश की वजह से शहर में जगह-जगह सड़कें क्षतिग्रस्त हो गईं। कमच्छा से रथयात्रा मार्ग पर सड़क के दोनों किनारे पर पेयजल की पाइप लाइन फटने से पानी लगा रहा। भेलूपुर जवाहर नगर काॅलोनी से कमच्छा मार्ग पर भी सड़क टूट गई थी। पुराना रामनगर वार्ड स्थित बंधा रोड के पास बारिश की वजह से सड़क क्षतिग्रस्त हो गई।
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बारिश के बीच गंतव्य को जाते लोग। - फोटो : अमर उजाला
लड़खड़ाई बिजली आपूर्ति, शहर से गांव तक फाॅल्ट से परेशानी
शहर में लगातार हुई बारिश से शुक्रवार की रात बिजली आपूर्ति लड़खड़ा गई। आधी रात से लेकर शनिवार सुबह तक बिजली की आवाजाही जारी रही। इधर शनिवार मौसम साफ रहा लेकिन ट्रिपिंग से निजात नहीं मिली। 
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सड़कें लबालब। - फोटो : अमर उजाला
रोहनिया में यूनिवर्सिटी फीडर से रात 12 बजे कटी बिजली सुबह 6 बजे आई जबकि सारनाथ इलाके में सुबह 6 बजे कटी बिजली 9 बजे आई। शहर में चांदपुर इंडस्टि्रयल एरिया में एक घंटे में तीन बार ट्रिपिंग हुई। शुक्रवार रात 8 बजे शनिवार सुबह 6 बजे तक तेज बारिश हुई। सांस्कृतिक संकुल उपकेंद्र में पोल से एबीसी के टूटने से बिजली कट गई। सूचना पाकर पहुंचे बिजली कर्मियों ने तार को सही किया, इसके बाद आपूर्ति बहाल हो सकी। 
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हाईवे पर सड़क किनारे गड्ढे में फंसी गाड़ी। - फोटो : अमर उजाला
बीएचयू : पानी में स्ट्रेचर खींचकर ले गए तीमारदार
बीएचयू परिसर में तालाब जैसा दृश्य नजर आया। मुख्य द्वार से लेकर आईएमएस निदेशक कार्यालय के सामने अस्पताल में इमरजेंसी, ओपीडी जाने वाले रास्ते पर हर तरफ पानी ही पानी दिख रहा था। इसी रास्ते से एंबुलेंस, बाइक, चार पहिया वाहन से लोग मरीज को लेकर दिखाने पहुंचे। तीमारदार इसी पानी में स्ट्रेचर, व्हीलचेयर से खींचकर मरीजों को ले जा रहे थे। 

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बीएचयू में एक तरफ के मार्ग पर लगा पानी। - फोटो : अमर उजाला
इससे दूर दराज से आने वाले मरीजों, तीमारदारों को पानी में ही घुसकर इमरजेंसी, ओपीडी और वार्ड तक पहुंचना पड़ा। शनिवार शाम तक पानी जस का तस लगा रहा। दीनदयाल उपाध्याय जिला अस्पताल परिसर में पैथालॉजी विभाग, मेडिकल वार्ड, फिजियोथेरेपी वार्ड के साथ ही अस्पताल के कॉरिडोर में भी पानी लगा रहा। 
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पानी से होकर काॅलेज जाते छात्र। - फोटो : अमर उजाला
वहीं, बीएचयू कैंपस में शिक्षकों, चिकित्सकों के घरों में भी पानी घुस गया। आईएमएस बीएचयू हृदय रोग विभाग के प्रो. ओमशंकर ने बताया कि बारिश की वजह से घर में एक फीट से अधिक पानी गेट के बाहर, अंदर लगा रहा।

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