मंचित हुईं कालजयी रचनाएं।
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इनकी रहीं प्रस्तुतियां
इप्टा (उरई), मंचदूतम संस्था ने सवासेर गेहूं, एचएस एकेडमी चोलापुर ने बूढ़ी काकी, संगत महाविद्यालय ने ठाकुर का कुआं, सेठ एमआर जैपुरिया बाबतपुर जैसी करनी वैसी भरनी, प्रेरणा कला मंच ने कफन, यर्थाथ क्रिएशन सोसाइटी ने बड़े घर की बेटी, नवरचना कॉन्वेंट स्कूल ने ईदगाह, संत अतुलानंद ने पंच परमेश्वर, संत अतुलानंद गिलट बाजार ने मंत्र की प्रस्तुति की। प्रमोद विश्वकर्मा ने कठपुतली और सेतु सांस्कृतिक केंद्र व इप्टा के कलाकारों ने घासवाली नाटा का मंचन किया।
पांच साहित्यकारों का हुआ सम्म्मान: महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के डॉ. अविनाश सिंह, प्रो. उमेश प्रताप सिंह (तिब्बती विश्वविद्यालय), डॉ. अनुराग त्रिपाठी (विभागाध्यक्ष हिंदी विभाग, तिब्बती विश्वविद्यालय), संतोष कुमार, अमित कुमार द्विवेदी (संग्रहालयाध्यक्ष, लालबहादुर शास्त्री स्मृति भवन संग्रहालय रामनगर) का सम्मान हुआ।