होली के बाद से अचानक मौसम में आए बदलाव से मौसमी बीमारियां भी बढ़ने लगी है। दिन में जहां चिलचिलाती धूप, शाम को मौसम में हल्की ठंड की वजह से सर्दी, खांसी, बुखार के साथ ही हीट स्ट्रोक का खतरा बढ़ गया है। अभी तो गर्मी की शुरुआत है आने वाले दिनों में स्थिति और भयावह होगी। दूसरी ओर सरकारी अस्पतालों में इससे निपटने के खास इंतजाम नहीं है। आगे की स्लाइड्स में देखें ...
विज्ञापन
2 of 5
जिले में संक्रामक रोगों की दस्तक
- फोटो : अमर उजाला
बदले मौसम का असर लोगों की सेहत पर दिखने लगा है। अब जबकि गर्मी शुरू हो रही है, ऐसे में अस्पतालों की ओपीडी में पेट संबंधी बीमारियों के मरीजों की संख्या में इजाफा हुआ है। सबसे ज्यादा खतरा बच्चों को लेकर होता है। जरा सी लापरवाही पर उन्हें डायरिया, निमोनिया होने की संभावना बढ़ जाती है।
विज्ञापन
3 of 5
stomach diseases
बीएचयू सर सुंदर लाल अस्पताल, दीनदयाल, मंडलीय अस्पताल की ओपीडी में एक सप्ताह में फीजिशियन की ओपीडी में ऐसे मरीजों की संख्या में 25 से 30 प्रतिशत बढ़ी है। बनारस समेत आसपास के इलाकों से पहुंचने वाले मरीजों को चिकित्सक खान-पान पर विशेष ध्यान देने के साथ ही सावधानी बरतने की सलाह दे रहे हैं।
4 of 5
अस्पताल और केंद्रीय कार्यालय के कार्य प्रभावित
- फोटो : अमर उजाला
मंडलीय अस्पताल के फिजिशियन डॉ. एके सिंह ने बताया कि तापमान में उतार-चढ़ाव और सावधानी न बरतने की वजह से ही बीमारियों का खतरा रहता है। ऐसे मे लोगों को अधिक से अधिक पानी पीने के साथ ही संतुलित भोजन करना चाहिए।
उधर अस्पताल में गर्मी में होने वाली हीट स्ट्रोक, डायरिया आदि से निपटने के लिए न तो अलग वार्ड बन सका और न ही ग्लूकोज सहित पर्याप्त दवा है। गम्री बढ़ने के साथ ही मरीज भी बढ़ते जाएंगे। डाक्टरों ने हीट स्ट्रोक से बचने के लिए अधिक पानी पीने और सिर ढंक कर चलने की सलाह दी है।