गुजरात में उत्तर भारतीयों पर हुए हमले से बिगड़े माहौल के बीच मंगलवार को शहर में भड़काऊ पोस्टर लगाए गए। अचानक सामने आए यूपी बिहार एकता मंच के हवाले से लगे सिगरा क्षेत्र में पोस्टरों में गुजरात और महाराष्ट्र के लोगों को चेतावनी दी गई है।
इतना ही नहीं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ भी आपत्तिजनक शब्दों का प्रयोग किया गया है। माहौल बिगाड़ने की कोशिश में जुटे लोगों की शिनाख्त में खुफिया इकाइयां सक्रिय हो गई हैं। पुलिस भी पोस्टर लगाने वालों की पहचान कर मुकदमा दर्ज करेगी।
शहर के सिगरा क्षेत्र में जगह-जगह भड़काऊ पोस्टर लगाए। जिस पर प्रधानमंत्री से बनारस छोड़ने की बात लिखी है। साथ ही बनारस में रह रहे गुजरातियों व महाराष्ट्र के लोगों को एक हफ्ते में बनारस छोड़ने की चेतावनी जारी की गई है।
साबरमती एक्सप्रेस से बनारस आए लोग
- फोटो : amar ujala
अचानक सामने आई संस्था से जुड़े लोग काशी विद्यापीठ से जुडे़ पूर्व छात्रनेता और अधिवक्ता हैं। पोस्टर लगने के बाद खुफिया इकाइयां और पुलिस भी इससे जुड़े पहलुओं की शिनाख्त में जुटी है।
पोस्टर लगाने वालों की शिनाख्त के अलावा इसे कहां से छपवाया गया है इसकी भी जानकारी जुटाई जा रही है। मृत पड़ी इस संस्था की ओर से लगाए गए पोस्टर पर प्रिंट लाइन भी नहीं है।
up police
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इसमें पोस्टर कहां से छपवाया गया सहित इससे जुड़ी जानकारी भी नहीं है। गुजरात में हुई एक अप्रिय घटना के बाद अचानक सामने आए इस संगठन का दावा है कि कई साल पहले इसका गठन किया गया था।
एसपी सिटी दिनेश सिंह का कहना है कि शहर में भड़काऊ पोस्टर लगाने वालों की शिनाख्त की जा रही है। सभी थानाध्यक्षों को निर्देश दिया गया है कि ऐसा करने वालों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की जाए।